बाबरी मस्जिद विध्वंस के मामले में सीबीआई की विशेष न्यायालय की ओर से सभी 32 आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के फैसले पर हरिद्वार के संत समाज ने खुशी जताई है। संतों का कहना है कि सीबीआई कोर्ट का यह फैसला वक्त की मांग की थी। उन्होंने कहा है कि अब सभी देशवासियों को एकजुट होकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करने में सहयोग करना चाहिए।
सत्य की विजय होती है, रामजन्म भूमि बनाम बाबरी विध्वंस प्रकरण में यह तय हुआ है कि जहां राम हैं, वहां धर्म है। जहां धर्म है वहा पर सत्य है। जहां सत्य वहां विजय है। जिन लोगों को बरी किया गया है, उनका राष्ट्रीय सम्मान किया जाना चाहिए। क्योंकि उन्होंने एक बड़े पवित्र कार्य में बड़ा योगदान दिया है। इससे फिर से पूरे देश में जश्न का माहौल है। अब हम सभी देशवासियों को एकजुट होकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करना है।
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज
इस फैसले से सभी सनातनियों और साधु-संतों में बेहद खुशी है। राम के काज में कोई अपराध नहीं होता है, यह घटना कोई पहले से सुनियोजित नहीं थी। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने ही लोगों से यह काम कराया था। न्याय में हमेशा सत्य की जीत होती है। उन्होंने कहा कि जो लोग न्यायालय में विश्वास नहीं करते हैं वह राष्ट्र द्रोही हैं। लोगों से कोरोना कॉल में घर में बैठकर खुशी मनाने और रामनाम का पाठ करने की अपील की।
- श्रीमहंत स्वामी नरेंद्रगिरि, अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद।
यह करोड़ों भारत वासियों की आस्था और श्रीराम के प्रति श्रद्धा की जीत है। इस निर्णय का सभी पक्षों को सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा इस उपलक्ष्य में हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी मायादेवी मंदिर, आनंद भैरव मंदिर और दुखहरण हनुमान मंदिर सहित पूरे देश में जूना अखाड़े की सभी शाखाओं नील गंगा उज्जैन, आनंदेश्वर मंदिर कानपुर, प्रयागराज, नासिक आदि में विशेष पूजा अर्चना की जाएगी।
- श्रीमहंत स्वामी हरिगिरि, महामंत्री, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद।
जो लोग बरी हुए हैं, उन्होंने अपना पूरा जीवन राम मंदिर निर्माण के लिए लगा दिया। जो लोग आज जीवित नहीं हैं, उन्हें भी न्याय मिला है। निर्विवादित रूप से जब फैसला आया तो लालकृष्ण आडवानी का उत्साह देखने से लगता था कि उन्हें नया जीवन मिला है। सीबीआई के जस्टिसों ने पूरे देश का मान सम्मान रखा है। इस फैसले से पूरे देश में खुशी का माहौल है। अब बृहस्पतिवार को काली मंदिर में विशेष पूजा करेंगे।
-स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी, महामंडलेश्वर।