उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद के जरिये सार्वजनिक जीवन की शुरूआत करने के बाद श्रेष्ठ भारत बनाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। देश को श्रेष्ठ राजनीतिक नेतृत्व देने के लिए भी पतंजलि योगपीठ के प्रयास जारी हैं। हम केवल ब्राह्मण को ही नहीं बल्कि वैश्य, शूद्र सभी को वेद पढ़ा रहे हैं। बालिकाओं को भी वेद की शिक्षा दी जा रही है।
समारोह में विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार दिनेश जुयाल ने कहा कि पत्रकारिता एक पाठशाला है। बदलते दौर के साथ ही सुविधाओं का विकास तो हुआ लेकिन पत्रकारिता के गिरते स्तर पर भी हमें चिंतन करना होगा। उन्होंने कहा कि हम सबको निराशापूर्ण माहौल से निकल कर आगे बढ़ना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार डा. आचार्य विष्णु दत्त राकेश ने की।
इस मौके पर निवर्तमान अध्यक्ष डा. शिवशंकर जायसवाल, डा. रजनीकांत शुक्ल, राजेंद्र नाथ गोस्वामी, डा. पीएस चौहान, आदेश त्यागी, बृजेंद्र हर्ष, अविक्षित रमन, संजय आर्य, गुलशन नैयर, सुनील दत्त पांडे, नरेश गुप्ता, दीपक नौटियाल, धर्मेंद्र चौधरी, राधिका नागरण, अमित शर्मा, रामचंद्र कन्नौजिया, बालकृष्ण शास्त्री, अहसान अंसारी, रामेश्वर शर्मा आदि मौजूद रहे।
इन पदाधिकारियों को दिलाई शपथ
स्वामी रामदेव ने अध्यक्ष राजेश शर्मा, महासचिव महेश पारिक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रवण झा, उपाध्यक्ष कुमार दुष्यंत, कोष सचिव राजकुमार, समारोह सचिव रविंद्र सिंह, वरिष्ठ सचिव सुनील पाल, डा. मनोज कुमार तथा प्रचार सचिव सुदेश आर्या के अलावा कार्यकारिणी सदस्यों डा रजनीकांत शुक्ल, संजय आर्य, तनुज वालिया, अमित कुमार गुप्ता, अमित कुमार शमाऱन, दीपक नौटियाल, लव कुमार शर्मा, संजय चौहान, रूपेश वालिया, प्रो पीएस चौहान, बालकृष्ण शास्त्री, गुलशन कुमार नैयर, जयपाल सिंह, अहसान अंसारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।