फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुर्लभ औषधियां तलाशी जाएंगी : बालकृष्ण

Tue, 17 Dec 2013 08:13 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
पतंजलि योगपीठ वन औषधि अनुसंधान विभाग लुप्त दुर्लभ औषधियों की तलाश करेगा। उत्तराखंड सहित हिमालय के विभिन्न भागों में सघन अभियान चलाकर उनका पता लगाया जाएगा। औषधियों के लिए वैज्ञानिक अपने देश में ही नहीं, पश्चिमी देशों में भी जाएंगे।
विज्ञापन


पतंजलि का अभियान जारी
दुर्लभ संजीवनी के पांच पौधों एवं सोमलता की खोज के बाद पतंजलि अपने अभियान को अब गति प्रदान कर रही है। लक्ष्य है कि पांच वर्षों में उन औषधियों का संकलन कर लिया जाए जो वनों के कटान एवं प्राकृतिक बदलाव के चलते लुप्त हो चुकी हैं। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री एवं अन्वेषण टीम के अग्रज आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि उत्तराखंड के पहाड़ों में चमत्कारिक औषधियों का अपार भंडार अब भी हैं।

पहुंचना संभव नहीं
बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं जहां पहुंचना संभव नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सोमलता औषधि का रस ऐसा है जो मनुष्य को न केवल दीर्घजीवी बनाता है अपितु जीवन के प्रारंभिक कोषों को बेहद पुष्ट कर मनुष्य को शक्तिशाली बनाता है। ऐसी ही अन्य कई औषधियां उत्तराखंड में बिखरी हुई है।
विज्ञापन


औषधियों को खोजा जाएगा
अब उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल, असम, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, कश्मीर एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पतंजलि अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक पड़ताल अभियान शुरू कर रहे हैं। आचार्य ने उम्मीद जताई कि आने वाले पांच वर्षों में ऐसी कई जीवनदायिनी औषधियां खोज ली जाएगी जो मनुष्य के साथ-साथ पशुओं के भी काम की हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें