योगगुरु बाबा रामदेव अचानक शुक्रवार की सुबह देवप्रयाग पहुंचे। जहां उनके द्वारा निर्माणधीन राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान का कार्य देखा। उसके बाद व कार से मूल्यगांव में अपने पंतजलि विद्यालय के लिये रवाना हुए।
शुक्रवार को बाबा रामदेव का हेलीकॉप्टर श्रीरघुनाथ कीर्ति संस्कृत विद्यालय के मैदान में अचानक उतरा। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान प्रचार्य प्रो केवी सुब्बारायडु एवं स्टाफ ने बाबा रामदेव का स्वागत किया।
इस दौरान रामदेव को कार्यालय और कक्षाओं का भृमण कराया गया। संस्थान की ओर से बाबाराम देव को देवप्रयाग संगम का गंगाजल, शाल और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। बाबारामदेव के साथ उनके गुरु प्रहलादाचार्य एव आश्रमं की महिला शिक्षा भी थी।
पहली बार देवप्रयाग पहुंचे बाबा रामदेव देवप्रयाग के प्राकृतिक सौंदर्य और दिव्यता से अभिभूत दिखे और उनके उद्गम स्थान के बारे में जानकारी ली। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के लोगों के साथ उन्होंने संस्कृत में वार्तालाप किया। उसके बाद वह कार से मूल्यगांव स्थिति अपने विद्यालय के लिये रवाना हुए। इस मौके पर डॉ. शेलेंद्र शास्त्री, डॉ. शेलेंद्र उनियाल, डॉ. सुनील बडोनी, डॉ. श्रीओम शर्मा, पंकज कोटियाल आदि मौजूद रहे।