राजधानी देहरादून में विशिष्ट बीटीसी के रिक्त पदों पर भर्ती की विज्ञप्ति जारी करने के लिए टीईटी पास बीएड प्रशिक्षितों के आंदोलन ने मंगलवार को उग्र रूप ले लिया।
तोड़फोड़ भी की
प्रशिक्षित पहले यमुना कालोनी आवास से निकलती शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी की कार के आगे लेट गए। इसके बाद शिक्षा निदेशालय में तालाबंदी कर दी। इस दौरान निदेशालय में तोड़फोड़ भी कर दी।
बीएड (टीईटी) प्रशिक्षित महासंघ की ओर से रिक्त पदों पर भर्ती और आयु सीमा कम करने की मांग के समर्थन में आंदोलन चल रहा है। सुबह शिक्षा मंत्री जैसे ही यमुना कालोनी स्थित आवास से बाहर निकले तो प्रशिक्षित उनकी कार के आगे लेट गए।
मंत्री का घेराव किया तो उन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद नाराज प्रशिक्षित ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय पहुंच गए। यहां प्रशिक्षितों ने हंगामा करते हुए सभी कर्मचारियों को बाहर निकालकर तालाबंदी कर दी। इस दौरान कर्मचारियों और प्रशिक्षितों के बीच नोकझोंक भी हुई।
इस पर कुछ प्रशिक्षितों ने निदेशालय में तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान स्टोनोग्राफर ऑफिस का शीशा टूट गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जैसे-तैसे शिक्षा निदेशक सीएस ग्वाल ने प्रशिक्षितों को वार्ता के लिए बुलाया।
उन्होंने शासन के सामने सुझाव रखने का आश्वासन दिया तो प्रशिक्षितों ने ताला खोल दिया। इस मौके पर बीएड टीईटी प्रशिक्षित महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बलदेव भंडारी, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक चौहान, प्रदेश महासचिव अमित कश्यप, पुष्पेंद्र सैनी, शैलेश वशिष्ठ, राकेश चौहान, ज्योतिमणि, नीलम भट्ट, हरि प्रसाद, सुखबीर भंडारी, विजेंद्र जोशी, सूर्यपाल भंडारी आदि मौजूद रहे।
यह है मांग
नेशनल काउंसिल फोर टीचिंग एजूकेशन(एनसीटीई) के निर्देशानुसार बीएड पास टीईटी शिक्षकों को केवल 31 मार्च 2014 तक प्राइमरी शिक्षक के तौर पर नियुक्ति मिल सकती है। प्रशिक्षित महासंघ का कहना है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव के चलते आठ फरवरी से आचार संहित लग जाएगी। इसके बाद लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगेगी।
ऐसे में अब आठ फरवरी तक का समय बचा है, जबकि सरकार ने सिर्फ 980 पद पर नियुक्ति की घोषणा की है। उनकी मांग है कि 6500 पदों पर नियुक्ति विज्ञप्ति आठ फरवरी से पहले जारी की जाए।
महासंघ के सचिव अमित कश्यप ने वर्ष 2010 में मृत घोषित हुए 2546 पदों को जीवित करने की मांग उठाई। साथ ही पत्राचार बीटीसी के 868 पदों पर भी बीएड टीईटी प्रशिक्षितों को नियुक्ति दी जाए। क्योंकि आरटीई लागू होने के बाद से इन पदों पर पत्राचार बीटीसी वालों की नियुक्ति नहीं हो सकती।
निदेशालय कर्मी भी घबराए
प्रशिक्षितों के साथ तीखी नोंकझोंक के बाद अब निदेशालय कर्मी भी घबरा गए हैं। एजूकेशन मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बिष्ट ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। उन्होंने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा राधिका झा से सुरक्षा की गुहार लगाई है।