उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने कहा कि योग किसी एक शख्स की बपौती नहीं है। देश के ऋषि-मुनियों ने इसे आगे बढ़ाया है।
योग पर धार्मिक रंग नहीं चढ़ाया जाना चाहिए। सूर्य नमस्कार कसरत है, इसे कोई भी अपनी मर्जी से कर सकता है। उन्होंने वंदेमातरम पर कहा कि मुस्लिमों को इसे बोलने से एतराज नहीं है।
शनिवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के बयान (नेतृत्व में कमियों के कारण देश में आपातकाल की आशंका मौजूद है) का समर्थन किया।
कहा कि प्रधानमंत्री देश को फासीवाद की तरफ ले जा रहे हैं। राजनीतिक दलों को अपना स्वार्थ छोड़कर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ मासिक रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने का दबाव बनाया था।
इनकार करने पर उनका तबादला मिजोरम कर दिया था। ललित मोदी प्रकरण पर उनका कहना है कि सुषमा स्वराज एवं वसुंधरा राजे को अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अच्छा काम कर रही है, आपदा घोटाले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इसके बाद पूर्व राज्यपाल डामकोठी की ओर रवाना हुए। राज्य निर्माण आंदोलनकारी संगठन के सुरेंद्र सैनी की ओर से उन्हें ज्ञापन दिया। इसमें उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जिन्होंने प्रदेश का नक्शा बनाकर केक मुख्यमंत्री को दिया था।