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आजाद हिंद फौज के सिपाही राम अवध सिंह की जमीन का मामला, अपील एडीजे प्रथम कोर्ट को स्थानांतरित

Thu, 10 Sep 2020 12:22 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर

सार

  • यूपी के पूर्व मंत्री ठाकुर प्रेम प्रकाश सिंह के साथ है चल रहा विवाद 
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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आजाद हिंद फौज के सिपाही राम अवध सिंह की जमीन को लेकर उनकी बेटी प्रभावती देवी और पूर्व मंत्री ठाकुर प्रेम प्रकाश सिंह के बीच कोर्ट में चल रहे सिविल वाद में नया मोड़ आ गया है। प्रभावती की ओर से 20 एकड़ जमीन में रिसीवर नियुक्त करने और दूसरे पक्ष की अपीलों को जिला कोर्ट से अपर जिला न्यायाधीश प्रथम की अदालत को स्थानांतरित कर दिया है। अब इन अपीलों की सुनवाई इसी कोर्ट में होगी। 

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आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे रामअवध को तत्कालीन सरकार ने बागवाला गांव में 50 एकड़ जमीन आवंटित की थी। इसमें से 16 एकड़ जमीन सीलिंग में अतिरिक्त घोषित कर दी थी। 1999 में रामअवध की मृत्यु के बाद 32.5 एकड़ जमीन विरासतन उसकी बेटी प्रभावती देवी के नाम दर्ज हो गई थी। इसके बाद पूर्व मंत्री ठाकुर प्रेम प्रकाश सिंह ने फर्जी वसीयत से यह जमीन अपने और परिजनों के नाम करा ली थी। वर्ष 2014 में मामले में पूर्व मंत्री सहित दो गवाहों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। तीन मार्च 2020 को सिविल जज सीनियर डिवीजन ने मामले में पूर्व मंत्री को पांच साल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही उनकी पत्नी, बहू, पूर्व शासकीय अधिवक्ता सहित पांच लोगों को अलग-अलग सजा सुनाई थी। 

प्रभावती के अधिवक्ता सिद्धार्थ श्रीवास्तव और आनंद सिंह सोलंकी ने बताया कि जमीन को लेकर सिविल वाद भी कोर्ट में चल रहा था। इसमें सिविल जज सीनियर डिवीजन ने कथित वसीयत को संदिग्ध मानते हुए शून्य घोषित कर दिया। दो बेनामे विपक्षियों के पक्ष में सही माने थे। इसके अलावा 20 एकड़ भूमि पर किसी प्रकार के हस्तक्षेप, कब्जा आदि पर रोक लगा दी थी। मार्च में जमीन पर बोई गेहूं की फसल को विपक्षियों ने कटवा दिया था। इसकी शिकायत प्रभावती ने जिला प्रशासन से भी की थी। उनका कहना है कि इस जमीन पर लाखों रुपये मूल्य के पेड़ भी हैं, जिन पर विपक्षियों की नजर है।
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प्रभावती ने जिला जज कोर्ट में जमीन के लिए रिसीवर नियुक्त करने की मांग को लेकर प्रार्थनापत्र दिया था। विपक्षियों की तरफ से भी जमीन को लेकर सिविल जज सीनियर डिवीजन के आदेशों के खिलाफ तीन अपीलें जिला जज की कोर्ट में दाखिल हुईं थी और एक अपील प्रभावती की ओर से भी दाखिल हुई थी। चारों अपीलें विचाराधीन हैं। उन्होंने बताया कि जिला न्यायाधीश ने चारों अपीलों को व्यक्तिगत कारणों से सुनने से इनकार करते हुए अपर जिला न्यायाधीश प्रथम की अदालत में स्थानांतरित कर दिया है। इससे पूर्व विपक्षियों की ओर से निचली अदालत की ओर से सुनाई गई सजा के खिलाफ जिला न्यायालय कोर्ट में की गई अपीलों को भी अपर जिला न्यायाधीश प्रथम की कोर्ट में पूर्व में स्थानांतरित किया जा चुका है।

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