नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में लांस नायक रहे 96 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भीम सिंह बिष्ट का शुक्रवार सुबह निधन हो गया।
वे कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके परिवार में पत्नी श्यामा बिष्ट, तीन पुत्र, तीन पुत्रियों सहित नाती-पोतों का भरा पूरा परिवार है। शनिवार को अलकनंदा नदी तट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भीम सिंह बिष्ट 19 वर्ष की उम्र में 28 अगस्त 1940 को सेना में भर्ती हो गए थे।
इसी दौरान देश की आजादी के लिए छिड़े आंदोलनों और अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ओर से 1941 में गठित आजाद हिंद फौज से वह खासे प्रभावित हुए और 15 फरवरी 1942 को सेना की नौकरी छोड़कर आजाद हिंद फौज में भर्ती हो गए।
नेता जी की ओर से अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने के लिए इंडिया इंडिपेंडेंट लीग गठित की गई। 40 हजार सैनिकों की फौज में शामिल ढाई हजार गढ़वाली सैनिकों में भीम सिंह बिष्ट लांस नायक रहे।