राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अपर निदेशक ने आरसी में स्पष्ट है कि कालिंदी अस्पताल ने 581 मरीजों की सर्जरी के फर्जी बिल प्रस्तुत कर धोखाधड़ी का प्रयास किया गया। एक और मामले में अस्पताल ने 215 मरीजों की सर्जरी के फर्जी बिल प्रस्तुत किए।
ऑडिट से पकड़ में आए 796 मामलों में संबंधित एनेस्थिसिया चिकित्सकों ने प्राधिकरण को लिखित रूप से दिया है कि उक्त मामलों से उनका कोई संबंध नहीं है। यानी जिन चिकित्सकों के हस्ताक्षरयुक्त बिल प्रस्तुत किए गए हैं, स्वयं उन्होंने इस तरह की सर्जरी के मामलों स्वयं का कोई संबंध नहीं बताया है। फर्जीवाड़ा करने पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है। साथ ही अस्पताल को पांच वर्ष तक के लिए काली सूची में डाला गया।