मेडिकल स्टोर होंगे योजना में सूचीबद्ध
गोल्डन कार्ड धारक कर्मचारियों व पेंशनरों को कैशलेस पर जांच व दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी लैब को योजना में सूचीबद्ध किया जाएगा। जहां पर कार्मिकों को डॉक्टर का पर्चा और गोल्डन कार्ड दिखा कर दवाइयां व जांच की सुविधा मिलेगी। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से मेडिकल स्टोर व पैथोलॉजी लैब को भुगतान किया जाएगा।
4.52 लाख गोल्डल कार्ड बने हैं प्रदेश में
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से अब तक कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के 4.52 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। कार्डधारकों को यह सुविधा मिलेगी।
एक लाख कार्मिकों का हुआ इलाज
गोल्डन कार्ड पर एक लाख कर्मचारियों व पेंशनरों को इलाज की सुविधा मिली है। इसमें आईपीडी में 140 करोड़ और ओपीडी इलाज में 85 करोड़ की राशि खर्च की गई।
गोल्डन कार्ड पर कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए जांच और दवाइयां भी कैशलेस की जा रही है। इसके लिए एसओपी तैयार की जा रही है। जल्द ही शासनादेश जारी कर इस सुविधा को शुरू किया जाएगा। साफ्टवेयर को भी अपडेट किया जा चुका है।
- अरुणेंद्र सिंह चौहान, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण