आखिरकार उत्तराखंड गठन के 15 साल बाद आयुर्वेदिक विभाग की परिचारिका संवर्ग की नियमावली जारी हो गई। इससे विभाग के तहत खाली पड़े 95 प्रतिशत से अधिक पदों को भरने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू हो जाएगी। चयन प्रशिक्षण की मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ओमप्रकाश ने ‘उत्तराखंड आयुर्वेदिक परिचारिका सेवा नियमावली 2015’ जारी कर दी। सीधी भर्ती के 95 प्रतिशत से अधिक पद वर्षों से नियमावली के अभाव में खाली पड़े थे। हालांकि, पुनर्गठन अधिनियम में निहित प्रावधानों के तहत पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश में प्रचलित नियमावली उत्तराखंड में लागू थी, लेकिन विभागीय अधिकारी इस संवर्ग के प्रति लापरवाह रहे।
यही कारण है कि चिकित्सालयों व आयुर्वेदिक कॉलेजों में सीधी भर्ती व पदोन्नति के अधिकांश पद खाली रहे। नियमावली जारी होने के बाद अब प्रशिक्षण प्राप्त उपचारिकाओं की नियुक्ति के साथ पदोन्नति के पद भरने की राह भी खुल गई है। विभाग में फार्मासिस्ट व पंचकर्म सहायक के पदों को मेरिट के आधार पर ही भरने की व्यवस्था है। आवश्यक संशोधन के बाद नियमावली सोमवार को जारी कर दी गई।