तीन दिन तक हरिद्वार में चली केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में चर्चा तो राम मंदिर, गंगा और गाय पर हुई, लेकिन सही मायने में निशाना केंद्र सरकार और खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहे।
वैसे तो विश्व हिंदू परिषद (विहिप) को भाजपा का हित साधने वाला संगठन बताया जाता है। इस बैठक में भी कहीं न कहीं यह टीस दिखाई दी कि विहिप के आंदोलनों के चलते फैली जागरूकता से भाजपा को जो व्यापक जनादेश मिला नेताओं ने उस पर खरा उतरने के लिए कोई कार्य धरातल पर नहीं किया।
घोषणाएं तो बहुत हुई और जनता की भावनाओं के अनुरूप न तो राम मंदिर बनाने की दिशा में कोई कदम उठाया गया और न ही गाय, गंगा के संरक्षण और कश्मीर के मुद्दे पर भाजपा ने कोई ठोस पहल की। तीनों दिन विहिप ने अपने एजेंडे पर चर्चा की ही केंद्र सरकार भी लगातार निशाने पर रही।