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अब आवास विकास भी बनाएगा गरीबों के लिए आशियाना, भू-स्वामियों और बिल्डरों से मांगे आवेदन

Thu, 20 Sep 2018 11:59 AM IST
सुनीत द्विवेदी, अमर उजाला, देहरादून
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सांकेतिक चित्र
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उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद् भी प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना सबके लिए आवास (शहरी) के तहत पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में आवास बनाएगी।

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इसके लिए उसने भू-स्वामियों और बिल्डरों से 15 अक्तूबर तक जमीन उपलब्ध कराने के लिए आवेदन मांगे हैं। मैदान क्षेत्र में जहां आवेदनकर्ता भू-स्वामी या बिल्डर के पास कम से कम चार हजार वर्गमीटर जमीन होनी चाहिए। वहीं पर्वतीय क्षेत्र में दो हजार वर्गमीटर भूमि होना अनिवार्य किया है।

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) और नगर निगम के बाद अब पहली बार आवास विकास विभाग भी प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत गरीबों के लिए पूरे प्रदेश में आशियाना बनाएगा। विभाग भू-स्वामियों और बिल्डरों की जमीन पर पीपीपी मोड के जरिये आवास बनवाएगा। इसके बाद वह जरूरतमंद को सब्सिडी आदि का लाभ देकर आवास उपलब्ध कराएगा।
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हालांकि आवास विकास विभाग कुल कितने आवास बनाएगा, यह 15 अक्तूबर तक भू-स्वामियों और बिल्डरों की ओर से मिलने वाले जमीन की उपलब्धता के आवेदनों के बाद तय हो पाएगा। आवेदनों के सत्यापन के बाद आगे की कार्ययोजना बनाएगी जाएगी। बता दें कि शहरी विकास विभाग के हाल ही में कराए गए सर्वे में प्रदेश में करीब 40 हजार लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास पाने के लिए आवेदन किया हुआ है।

दून में उपलब्ध कराने हैं 19 हजार लोगों को आवास
केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर हर परिवार को पानी का कनेक्शन, शौचालय, विद्युत आपूर्ति के साथ पक्का आवास देने की योजना बनाई है। इसके तहत देहरादून जिले में वर्ष 2022 तक 19 हजार लोगों को घर उपलब्ध कराना है।

योजना का लाभ लेने के लिए यह हैं शर्तें
- लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित पुत्र-पुत्रियां शामिल होंगे।
- देश में अपना पक्का आवास न होने वालों को ही मिलेगा लाभ।
- निम्न आय वर्ग के लाभार्थी सभी घटकों में सहायता ले सकता है।

आवास-विकास पहली बार आवासीय योजना पर काम करने जा रहा है। हम केवल योजना को कंट्रोल करेंगे। जमीन भू-स्वामी और बिल्डर की होगी और निर्माण कार्य भी उन्हें ही कराना होगा।
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- सर्वेश मित्तल, अधिशासी अभियंता, उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद्

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