कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर गुंजी और लिपुलेख में सोमवार दोपहर बाद फिर से हिमपात हुआ। इससे इन इलाकों में हिमस्खलन की आशंका को देखते हुए आईटीबीपी और एसएसबी ने अलर्ट जारी किया है और अपने जवानों से सतर्क रहने को कहा है।
वहीं, सोमवार शाम से हंसलिंग और पंचाचूली की चोटियों पर फिर हिमपात होने लगा। शाम के समय यहां कड़ाके की ठंड का असर रहा। हिमपात के चलते सोमवार को मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान माइनस 2.4 रहा जबकि पिथौरागढ़ का न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
उधर, बर्फबारी के कारण बंद थल-मुनस्यारी मार्ग 36 घंटे बाद सोमवार दोपहर 12 बजे खुल गया है। यह सड़क शनिवार की रात करीब 12 बजे कालामुनि और बेटुलीधार में भारी बर्फ गिरने के कारण बंद हो गई थी।
बर्फ में फंस जा रहे वाहन
snowfall
- फोटो : Amar Ujala
लोनिवि ने सोमवार सुबह रोड से बर्फ हटा दी थी, लेकिन सुबह करीब आठ बजे कालामुनि में बर्फ और पाले में रपटने से एक ट्रक फंस गया।
इस ट्रक को दोपहर 12 बजे हटाया गया। तब जाकर यातायात सामान्य हुआ। यहां से दिल्ली, पिथौरागढ़ जाने वाले वाहनों को मदकोट, जौलजीबी के रास्ते निकलना पड़ा। इसमें उनको 60 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा।
इधर, नैनीताल में सोमवार को मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। हल्की धूप के साथ ही हल्के बादल छाए रहे जिसकी वजह से ठंड भी महसूस की गई।
सैलानियों से गुलजार हुई सरोवर नगरी नैनीताल
Snowfall in Nanital
- फोटो : AmarUjala
दूसरी ओर नैनीताल भ्रमण पर पहुंचे सैलानियों ने नगर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाकर लगातार दूसरे दिन भी बर्फबारी का आनंद लिया। सैलानियों की आवाजाही से नगर में दिनभर खूब चहल पहल बनी रही।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जहां पर धूप के कम दर्शन होते हैं वहां पर अभी भी काफी मात्रा में बर्फ जमी है। नैनीताल का न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बर्फबारी की वजह से नैनीताल-पंगूट-कुंजखड़क मोटर मार्ग जो बीते दो दिनों से बंद पड़ा था उसे आज दोपहर वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया।