त्योहारी सीजन में सुस्त पड़े आटोमोबाइल बाजार ने रफ्तार पकड़ ली है। सामान्य महीनों में दून में तीन से पांच हजार गाड़ियां बिकती हैं, लेकिन त्योहारी सीजन के 25 दिनों में ही दस हजार से अधिक गाड़ियां बिक चुकी हैं। इससे सिर्फ वाहन विक्रेताओं की ही चांदी नहीं हुई बल्कि परिवहन विभाग भी मालामाल हो गया है। नवरात्र से अब तक परिवहन विभाग को 32 करोड़ से अधिक की कमाई हो चुकी है।
नवरात्र से शुरू हुए त्योहारी सीजन में वाहनों के बाजार ने सबसे तेज गति पकड़ी है। नवरात्र के शुरुआत से ही दोपहिया व चार पहिया वाहनों की बिक्री में तेजी आई, जो अब तक चल रही है। पिछले 25 दिनों में 10,500 गाड़ियों की ब्रिकी के बाद पंजीकरण परिवहन विभाग में हो चुके हैं, जबकि करीब तीन हजार से अधिक वाहनों की अभी बुकिंग है, जिनके पंजीकरण होना बाकी है। कारोबारियों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार दो-चार पहिया वाहनों की बिक्री में 30 फीसदी की बढ़ोतरी है।
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परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रत्येक माह दून में अधिकतम 3-5 हजार वाहनों की बिक्री होती है, लेकिन इस बार यह बिक्री दोगुने के पार पहुंच गई है। कंपनियों के लोक-लुभावन आफर के चलते लोग बड़ी संख्या में वाहन खरीद रहे हैं। आटोमोबाइल कारोबारी कहते हैं कि नवरात्र में कारों की डिलीवरी भी पिछले साल की तुलना में अधिक हुई है। सितंबर से ही कारों की बुकिंग लोगों ने शुरू कर दी थी, जिससे नवरात्र, धनतेरस और दीपावली के दौरान अच्छी बिक्री हो पा रही है। बढ़ती मांग को देखते हुए डीलर्स ने पर्याप्त स्टाक का प्रबंध किया है।
यह महीना परिवहन विभाग की आय के लिहाज से बेहतरीन रहा। तीन अक्तूबर से अब तक 10,500 वाहनों के पंजीकरण हो चुके हैं, इससे 32 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
- सुनील शर्मा, आरटीओ प्रशासन