वहीं बगैर प्रीपेड मीटर के ही ऑटो दौड़ रहे संचालकों की मांग है कि पहले परिवहन विभाग 2013 में लागू किराए की दरों में बढ़ोतरी करे, इसके बाद ही प्रीपेड मीटर लगवाए जाएं। इस संबंध में आरटीओ की ओर से प्रस्ताव संभागीय परिवहन प्राधिकरण को भेजा गया है।
बहरहाल इस बीच एसएसपी अरुण मोहन जोशी के निर्देश पर पुलिस ने प्रीपेड मीटर को लेकर विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। अब तक 200 से अधिक ऑटो का चालान भी किया जा चुका है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर ऑटो संचालकों में हड़कंप की स्थिति है।
ऐसे में ऑटो संचालक प्रीपेड मीटर लगवाने के लिए संबंधित एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन मीटरों की कमी और गुणवत्ता खराब होने की शिकायतें मुसीबत बन गई हैं। राजपुर कैनाल रोड स्थित एक एजेंसी पर मंगलवार को ऑटो संचालकों की लंबी कतार देखने को मिली।
ऑटो यूनियन के पूर्व अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि परिवहन व पुलिस विभाग ने प्रीपेड मीटर को लेकर जांच अभियान तो शुरू कर दिया है, लेकिन मीटरों की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पूरे शहर में प्रीपेड मीटर की कमी है और कई एजेंसी संचालक मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं।