II-संभागीय परिवहन प्राधिकरण सीएनजी ऑटो के नए परमिट खोलने की तैयारी में
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I-ऑटो यूनियन का कहना, नए परमिट से ऑटो संचालकों का रोजगार प्रभावित होगा
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Iगली-मोहल्ले तक कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए संभागीय परिवहन प्राधिकरण सीएनजी ऑटो के नए परमिट खोलने की तैयारी में है। ई-रिक्शा और ई-ऑटो संचालकों को सीएनजी ऑटो के परमिट देकर डोर-टू-डोर कनेक्टिविटी बढ़ाने का प्रस्ताव 23 दिसंबर को आरटीए की बैठक में पेश किया जाएगा। इसे लेकर ऑटो संचालकों ने मोर्चा खोल दिया है। ऑटो यूनियन का कहना है, नए परमिट दिए जाने से सड़कों पर नए ऑटो आने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होगी, वहीं ऑटो संचालकों का रोजगार प्रभावित होगा।
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Iदरअसल परिवहन विभाग ई-रिक्शा को सड़क से बाहर करना चाहता है। परिवहन विभाग के अनुसार दून में चल रहे करीब 6000 ई-रिक्शा शहर की यातायात व्यवस्था को बेपटरी कर रहे हैं। इसलिए परिवहन विभाग ऑटो को ई-रिक्शा के विकल्प के तौर पर प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।
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Iआरटीए की बैठक में सीएनजी ऑटो के नए परमिट खोलने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। इसे लेकर दून ऑटो रिक्शा यूनियन विरोध में आ गई है। यूनियन का कहना है कि नए परमिट जारी करने का पूरा असर ऑटो संचालकों पर पड़ेगा। परमिट बढ़ेंगे तो सीधे तौर पर उन लोगों का काम प्रभावित होगा। इसलिए दून ऑटो यूनियन ने कहा कि अगर नए परमिट जारी किए गए तो वह लोग धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध जाहिर करेंगे।
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Iवाहनों की बढ़ जाएगी भीड़
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Iसंभागीय परिवहन प्राधिकरण के सचिव को पत्र भेजकर यूनियन ने कहा कि देहरादून में लगभग 2400 ऑटो रिक्शा संचालित हो रहे हैं, जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत ऑटो रिक्शा सीएनजी से संचालित हो रहे हैं। डीजल से सीएनजी में कन्वर्जन को लेकर एक वाद उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल में विचाराधीन भी है। देहरादून में पहले ही 6000 ई-रिक्शा संचालित हैं, लगभग 1000 ई-ऑटो भी चल रहे हैं। ई-रिक्शा एवं ई-ऑटो पर कोई नियम कानून लागू नहीं होने के कारण यह प्रतिदिन रजिस्टर्ड हो रहे हैं। इन्हें ऑटो का भी परमिट मिलने से सड़क पर वाहनों की भीड़ बढ़ जाएगी। इससे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होगी।
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Iऑटो संचालन की परिधि 40 किमी. करें
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Iऑटो रिक्शा यूनियन के महामंत्री शेखर कपिल ने कहा कि ऑटो संचालन की परिधि 25 किमी से बढ़ाकर 40 किमी. कर दी जाए। इस समस्या निस्तारण अब तक नहीं हो पाया। वहीं ऑटो संचालन मैक्स अस्पताल और जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक करने की अनुमति देने को कहा। कहा, मरीजों को कभी भी मैक्स अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा के लिए जाना पड़ता है। वहीं काफी यात्रियों को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर जाना पड़ता है। कहा, दून में कई ऑटो स्टैंड समाप्त कर दिए गए हैं। नए स्टैंड चिह्नित कर स्थान उपलब्ध कराए जाएं। ऑटो हाईवे से जाना ठीक नहीं।
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Iनया बवाल टैक्सी यूनियन नहीं चाहेंगे
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Iआरटीओ सुनील शर्मा ने कहा कि नए परमिट उन्हीं लोगों को दिए जाएंगे जो अभी ई-रिक्शा या अन्य वाहन चला रहे हैं। इससे यह परमिट धारक नियम के दायरे में ऑटो चलाएंगे। इसका असर ऑटो संचालकों पर नहीं पड़ेगा। कहा मैक्स अस्पताल तक अनुमति देने पर ऑटो को मालसी क्षेत्र में ऊंचाई तक जाना पड़ेगा, जो ऑटो के लिए आसान नहीं होगा। इसी तरह जौलीग्रांट तक जाने पर वहां के स्थानीय टैक्सी संचालक इसका विरोध करेंगे। इसीलिए यह अनुमति नहीं दी जा रही है।I