अमर उजाला की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा रविवार को देहरादून सहित हरिद्वार और गढ़वाल में आयोजित की गई।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में 128 छात्रों ने हिस्सा लिया। इनमें 9वीं से 12वीं तक के छात्र शामिल हैं। परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई।
एसजीआरआर पीजी कॉलेज में सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू हुई। परीक्षा से पहले ही छात्र अभिभावकों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंच गए थे। परीक्षा को लेकर छात्रों में उत्साह नजर आया। एक ही पाली में 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों की परीक्षा हुई। परीक्षा में विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे गए। परीक्षा में एसजीआरआर पीजी कॉलेज के स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। परीक्षा में प्राचार्य प्रो. वीए बौड़ाई, डा. अतुल गुप्ता और डा. वीएस रावत ने विशेष भूमिका निभाई। साथ ही, परीक्षा में कमल बिजल्वाण, कंचन उनियाल, जितेंद्र कुकरेती, शहाना जबी, प्रेम चंद पटारी, बीएम खाती, नाथीराम, मयंक पंत, प्रवीन पंत, डा. चौहान का भी सहयोग रहा।
हरिद्वार के कनखल में छोटी नहर के किनारे स्थित एचईसी पीजी कालेज में संपन्न हुई। इस दौरान परीक्षार्थियों में भारी उत्साह नजर आया। आत्मविश्वास से लबरेज परीक्षार्थी सफलता पाने और भविष्य संवारने की अपनी उम्मीदों को पंख लगाने के लिए उत्सुक नजर आए।
एचईसी कालेज के महानिदेशक संदीप चौधरी के सतत मेहनत और लगन से परीक्षा देने के संदेश के साथ शुरू हुई परीक्षा निर्धारित समय 11 बजे प्रारंभ हुई। कुल 89 परीक्षार्थियों में से 51 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। कक्षा नौ-दस और ग्यारह-बारह के वर्गों में हुई परीक्षा में एकसौ प्रश्नवाले प्रश्न पत्र को डेढ़ घंटे में हल करना था। परीक्षार्थियों ने बड़े मनोयोग से परीक्षा दी तथा परीक्षा संपन्न होने पर साथियों से अपने अनुभव भी साझा करते रहे।
अधिकतर परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र को ज्ञान और गुणवत्तापरक बताया। प्राचार्य डॉ. नवनीत वर्मा के साथ ही उनके सहयोगी डॉ. मौसमी गोयल, उमराव सिंह तथा शिक्षिकाओं आरती उपाध्याय, रश्मि सक्सेना, रीतू मोदी, आनंदिता, शिखा पुरी, कृतिका गोयल, मनीषा आहूजा ने परीक्षाथियों का मार्गदर्शन करते हुए परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने में अहम योगदान किया। सहकर्मी दयाल तथा प्रीति का भी काफी सहयोग रहा।
लक्ष्य निर्धारित कर बढ़ें सफलता की ओर
प्राचार्य डॉ. नवनीत वर्मा ने परीक्षार्थियों को संदेश दिया कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। लक्ष्य निर्धारित कर उसे पाने के लिए कड़ी मेहनत से आगे बढना चाहिए तभी सफलता मिलती है। परीक्षा के लिए उन्होनें सभी को शुभकामनाएं दी तथा आयोजन के लिए अमर उजाला परिवार को साधूवाद देते हुए कहा कि अनेक ऐसी प्रतिभाएं हैं जो संसाधनों की कमी के कारण कई बार आगे बढ़ने से वंचित रह जाती हैं। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति ऐसी प्रतिभाओं के लिए आसमान छूने का सशक्त माध्यम है।
57 छात्रों ने दी अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा
कोटद्वार में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं में उत्साह रहा। परीक्षा में क्षेत्र के 57 बच्चों ने प्रतिभाग कर अपनी बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया। रविवार को बदरीनाथ मार्ग स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज में प्रधानाचार्य बृजेश रानी के निर्देशन में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा संपन्न हुई।
इसके लिए क्षेत्र के 77 छात्रों ने आनलाइन आवेदन किया था, लेकिन परीक्षा में 57 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कक्षा नौ और दस में 45 छात्रों ने आवेदन किया था, जिसमें 36 ने परीक्षा दी। वहीं 11वीं और 12वीं में 32 में से 21 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। कई छात्र-छात्राओं द्वारा आनलाइन आवेदन करते समय सिटी कोड और कक्षा गलत भरने से उनका नाम सेंटर की सूची में नहीं आ पाया, जिसके कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
डेढ़ घंटे चली परीक्षा
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में कक्षा नौवीं और दसवीं के 36 छात्रों ने पहली बार ओएमआर सीट पर गोले बनाकर उत्तर अंकित किए। वे उत्तर लिखने की अपेक्षा गोला बनाने के पहले अनुभव से रोमांचित थे। छात्रा अमीशा नेगी, स्वेता, छात्र गौरव रावत व रतन कुमार कुकरेती ने अमर उजाला की पहल की सराहना की। कहा कि उन्हें पहली बार ओएमआर सीट पर परीक्षा देने का अनुभव मिला, जो कि उनके भविष्य में अन्य परीक्षाओं में उपयोगी साबित होगा।
वहीं 11वीं और 12वीं के 21 छात्रों ने परीक्षा में आए प्रश्नपत्र की प्रशंशा की। आस्था रावत, प्रीति रावत, महेंद्र सिंह व कपिल भारद्वाज ने कहा कि इस प्रकार की परीक्षा से उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा। प्रश्न पत्र में पूछे गए प्रश्न उनके कोर्स के अलावा सामान्य ज्ञान से संबंधित थे। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका मधु कुकरेती, आशा ध्यानी, रेनू गौड़, उमा श्रीवास्तव और कौशल्या मधवाल ने परीक्षा के सफल संचालन में अपना सहयोग दिया।