भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राष्ट्रीय काउंसिल के सचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा कि अगर भारत में चुनाव सुधार कर समानुपातिक प्रतिनिधित्व चुनाव प्रणाली लागू कर दी जाए, तो देश में असली लोकतंत्र स्थापित हो जाएगा।
मंगलवार को अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि समानुपातिक चुनाव प्रणाली में वोट प्रतिशत का अत्यधिक महत्व होता है। कई देशों में यह प्रणाली शानदार ढंग से काम कर रही है। इसमें अंकगणित से अधिक लोगों के मत का महत्व होता है। जिस दल को जितना अधिक वोट प्रतिशत उसको उतनी सीटें।
तो थम जाएगी विभाजनकारी राजनीति
यह प्रणाली हमारे देश में लागू हो जाती है तो धनबल, धर्म, जाति और विभाजनकारी राजनीति काफी हद तक थम जाएगी। यह व्यवस्था लागू होने पर वामपंथी दल तीसरे नंबर पर आ जाएंगे। फिलहाल जो सबसे आगे वही विजयी वाला फर्स्ट पास्ट द पोस्ट सिस्टम काम कर रहा है।
वामपंथी नेता का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय पूंजी, बड़े कॉरपोरेट घराने और भाजपा-कांग्रेस वामपंथ को बरबाद करने पर तुल गए हैं। साजिश के तहत चुनाव की राजनीति को बहुत महंगा बना दिया गया है। इसलिए हम लगातार चुनाव सुधार की मांग करते रहे हैं।
हम स्टेट फंडिंग का समर्थन करते हैं। अगर कॉरपोरेट को फंडिंग करनी भी है तो वे चुनाव आयोग के माध्यम से करें। उन्होंने कहा कि जब तक धन चुनाव में प्रभावी रहेगा तब तक असली लोकतंत्र का मूर्त रूप लेना नामुमकिन है।
भाजपा-कांग्रेस कर रहे उत्तराखंड को बरबाद
एक सवाल के जवाब अतुल अनजान ने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा-कांग्रेस भ्रष्टाचार और उत्तराखंड को बरबाद करने की राजनीति कर रही हैं। भाकपा सांगठनिक तौर पर ताकतवर नहीं है, लेकिन हम वैचारिक तौर पर प्रखर हैं। दोनों ही दलों ने उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों को तबाह करने का काम किया है। इसलिए हम वैकल्पिक राजनीति प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां उद्यमों व छोटे उद्योगों को तबाह कर देगी।