शनिवार की सुबह 6:24 बजे आईएमए में टोंस सेक्टर के आउटर पोस्ट पर सिपाही मुस्तैद रहे। वहां से बायीं ओर पांच आतंकी नजर आए। सिपाही तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम और आला अधिकारियों को दी और तभी... तुरंत पुलिस हरकत में आ गई।
ऑपरेशन कमांडर एसपी सिटी अजय सिंह को बनाते हुए पुलिस तंत्र घेराबंदी में जुट गया। आसपास के कोतवाली कैंट, थाना प्रेमनगर, वसंत विहार और पंडितवाडी चौकी इंचार्ज को मौके पर बुलाकर आतंकियों की तलाश शुरू की गई।
आईएमए के सामने से गुजरने वाले रास्ते को सुरक्षा की दृष्टि से डायवर्ट कर दिया गया। दरअसल यह सब हुआ आईएमए में हुई मॉक ड्रिल में।
शनिवार की सुबह आतंकी सूचना मिलते ही सभी थानों की पुलिस, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल, एएसपी लोकेश्वर सिंह आईएमए पहुंचकर ऑपरेशन की कमान संभालते हैं।
वह एटीएस टीम को नक्शे पर आतंकियों के संभावित ठिकानों की जानकारी देते हैं। इसके साथ ही बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड अपनी कार्रवाई में जुटता है।
पुलिस के पास नहीं बुलेट प्रूफ जैकेट
आनन-फानन में आईएमए के अंदर कंट्रोल रूम बनाकर एसपी देहात श्वेता चौबे को उसकी कमान दी जाती है। वायरलेस पर सूचनाओं का आदान प्रदान करने के साथ ही जानकारियों को साझा किया जाता है।
आईएमए की क्यूआरटी टीम के साथ समन्वय बनाकर ऑपरेशन चलाया जाता है। इस बीच आईएमए स्थित कंट्रोल रूम को सूचना मिलती है कि ग्रे रंग की बलेनो कार सवार एक आतंकी कुछ वाहनों को टक्कर मारकर भाग रहा है।
पंडितवाड़ी पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी जाती है। साथ ही आर्मी इंटेलीजेंस द्वारा पुलिस एसओजी टीम को आतंकवादी द्वारा प्रयोग में लाये जा रहे फोन नंबर की आईडी पता लगाई जाती है तो वह जम्मू कश्मीर की निकलती है।
थानाध्यक्ष प्रेमनगर गाड़ी का पीछा कर आतंकी को गिरफ्तार कर लेते हैं। जबकि चार आतंकी ऑपरेशन में ढेर हो जाते हैं। दो को बिल्डिंग के भीतर जबकि दो को कांबिंग के दौरान टीम ने मार गिराया। ऑपरेशन के दौरान आर्मी और पुलिस के दो जवान शहीद होने के साथ चार घायल हो जाते हैं।
आतंकी को किया गिरफ्तार
घायलों को पास के अस्पताल में उपचार के लिए भेज दिया जाता है। इसके बाद एसपी देहात की अगुवाई में कोतला संतूर क्षेत्र में कांबिंग कर आतंकियों द्वारा लगाए गए बम को खोजकर उसे डिफ्यूज किया जाता है।
मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद एसएसपी स्वीटी अग्रवाल और आईएमए के अधिकारी ऑपरेशन के दौरान पाई गई कमियों को बताने के साथ उसमें सुधार के निर्देश देते हैं। मॉक ड्रिल की वजह से आसपास के क्षेत्र में डर का माहौल नजर आया।
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस जवानों के पास बुलेटप्रूफ जैकेट और एके-47 न होने की कमी साफ तौर से झलकती है। ऑपरेशन के दौरान पुलिसकर्मियों की शहादत भी इसी वजह से होती है।
आतंकियों के मुकाबले पुलिस के पास अत्याधुनिक हथियारों की कमी है। इस बारे में पूछे जाने पर एसएसपी स्वीटी अग्रवाल का कहना है कि जल्द ही पुलिस मुख्यालय और शासन के अधिकारियों से इस संबंध में बात कर बुलेटप्रूफ जैकेट और एके-47 उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी।