एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने रेकी करने के बाद आठ दिसंबर की रात को इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम में स्कीमर और कैमरा लगाया गया था। अगले दिन सुबह स्कीमर और कैमरा उतारने के बाद सोमेश के कमरे पर डाटा के हिसाब से पांच डुप्लीकेट कार्ड तैयार किए गए।
दस दिसंबर से लेकर 15 दिसंबर तक उनके द्वारा देहरादून के जीएमएस रोड और हरिद्वार से 15 खातों से रकम निकाली गई। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की योजना शहर के कई एटीएम में भविष्य में स्किमर लगाने की योजना थी, लेकिन उससे पहले पकड़ में आ गए। पुलिस अधीक्षक नगर प्रदीप राय भी इस दौरान मौजूद रहे।
साइबर अपराधी लाल रंग की कार से पकड़ में आए। एटीएम कार्ड क्लोनिंग के बाद पुलिस ने शहर के करीब 100 से अधिक एटीएम और सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया, जिसमें लाल रंग की कार नजर आई थी। खासतौर पर जीएमएस रोड पर उसकी आवाजाही सबसे ज्यादा मिली। साइबर अपराधियों ने कार के नंबर को छिपाने की भरसक कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने हरिद्वार और अन्य स्थानाें से देहरादून नंबर की इस कार के बारे में जानकारी जुटा ली। यह कार सोमेश कक्कड़ के नाम थी। आगरा और देहरादून के मकान मालिक से इसकी पुष्टि हो गई। फुटेज के आधार पर उसकी पहचान भी करा ली गई।
एटीएम कार्ड क्लोनिंग करने वाले इन साइबर अपराधियाें की योजना एक जनवरी के बाद खातों से रकम निकालने की थी, क्योंकि काफी खातों का बैलेंस चेक करने पर रकम कम पाई गई थी। सोमेश का कहना था कि जनवरी के पहले सप्ताह में अधिकांश खातों में वेतन आने की उम्मीद थी।
ऑनलाइन की थी उपकरणों की खरीदारी
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि एटीएम कार्ड क्लोनिंग के तमाम उपकरण सोमेश कक्कड़ द्वारा ऑनलाइन खरीदे गए है। पुलिस विवेचना में क्लोनिंग के उपकरण उपलब्ध कराने वाली कंपनी को शामिल किया जा रहा है, ताकि उसके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
विमान से दून पहुंचा था अजय
एटीएम कार्ड क्लोनिंग करने के लिए सोमेश का दोस्त अजय त्यागी विमान से देहरादून पहुंचा था। दोनों दोस्त शिक्षित हैं। सोमेश की मां महिला रोग विशेषज्ञ है। सोमेश पहले हैदराबाद में चाचा के साथ बिल्डिंग डिजाइनिंग का काम करता था। चाचा की मौत के बाद काम न चलने के कारण सोमेश तीन साल पहले दून आ गया था। अजय त्यागी आगरा के फ तेहाबाद रोड पर रेस्टोरेंट चलाता था। सोमेश एक दशक पहले जयपुर एटीएम ठगी में जेल जा चुका है। इस कारण सोमेश को एटीएम कार्ड क्लोनिंग की पूरी जानकारी थी।
पुलिस तो नहीं पकड़ पाएगी
पुलिस हिरासत में आए साइबर अपराधी सोमेश कक्कड़ का कहना था कि वह तो यह मानकर चल रहे थे कि पुलिस तो उन्हें पकड़ नहीं पाएगी। अलबत्ता एसटीएफ जरूर उन तक पहुंच सकती है। तब तक वह काफी रकम बटोर चुके होेंगे। वह ऑनलाइन एटीएम से जुड़ी हर खबर को पढ़ रहे थे कि पुलिस की कार्रवाई कहां तक पहुंची है।