राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना को लेकर आज फेसबुक लाइव के जरिए लोगों की शंका दूर हुई। अमर उजाला कार्यालय पटेलनगर में गुरुवार सुबह 11 बजे से संवाद का आयोजन किया गया।
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अमर उजाला कार्यालय पटेलनगर में स्वास्थ्य सचिव नितेश झा, सीईओ युगल किशाेर पंत, नोडल अफसर अटल आयुष्मान योजना डॉ. सरोज नैथानी ने फेसबुक पर लाइव यूजर्स के हर सवाल का जवाब दिया। यूजर्स ने फेसबुक, व्हाट्सएप और फोन के जरिये अपने सवाल पूछे।
प्रश्न : क्या सरकारी नौकरी करने वालों या पेंशन लेने वालों को योजना का लाभ मिलेगा? - अमित नेगी
उत्तर : राज्य सरकार की नौकरी और पेंशन का लाभ लेने वाले सभी लाभार्थियों को योजना के तहत पांच लाख तक की बीमा योजना का लाभ मिलेगा। इससे ज्यादा का लाभ लेने के लिए उन्हें अंशदायी योजना में शामिल होना होगा। प्रश्न : योजना का लाभ लेने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी?- ममता मेहता
उत्तर : योजना के लिए किसी अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत नहीं है। राशन कार्ड की जरूरत है। भविष्य में वोटर आईडी कार्ड के आधार पर भी योजना का लाभ लिया जा सकेगा। हालांकि पहले जांच की जाएगी। जांच में सही मिलने के बाद ही संबंधित को योजना का लाभ मिलेगा। प्रश्न : पात्रता सूची में मेरा और परिवार के सदस्यों का नाम हैं या नहीं, इसकी जानकारी कैसे मिलेगी? - विपुल नौटियाल
उत्तर : योजना की वेबसाइट आयुष्मान उत्तराखंड डाट ओआरजी (ayushmanuttarakhand.org) पर पात्रता सूची देखी जा सकती है। यहां सूचीबद्ध अस्पतालों की सूची भी है। इसका मोबाइल एप भी डाउनलोड कर इस्तेमाल कर सकते हैं। राशन कार्ड नंबर डालकर भी अपने परिवार का नाम देखा जा सकता है। प्रश्न : जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में न हो, क्या उन्हें योजना का लाभ मिलेगा? - प्राजंल जोशी
उत्तर : अगर उनका नाम 2012 की मतदाता सूची में शामिल था और उनके पास उस समय का वोटर आईडी कार्ड है, तो उन्हें निश्चित लाभ मिलेगा। अगर उस समय नाम नहीं था और बाद में जोड़ा गया, तो उन्हें राशन कार्ड और परिवार रजिस्टर की नकल जैसे दस्तावेज देने होंगे।
प्रश्न : अगर मेरा नाम पात्रता सूची में नहीं है तो कैसे जोड़ा जा सकता है?- विजय सकलानी
उत्तर : उत्तराखंड के निवासी जिनके पास 2012 का राशन कार्ड व वोटर आईडी कार्ड है और नाम पात्रता सूची में नहीं है तो उन्हें परिवार रजिस्टर के दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। स्थानीय स्तर पर जांच के बाद वे वेबसाइट पर खुद पंजीकरण करा सकते हैं। प्रश्न : मेरा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) का कार्ड बना है। क्या मुझे भी योजना का लाभ मिलेगा?- जगत राम सिंह
उत्तर : एमएसबीवाई के सभी लाभार्थी इस योजना में शामिल हैं। अगर उन्हें अपना नाम देखना है तो वह वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। जैसे ही एमएसबीवाई कार्ड का नंबर डालेंगे, उनका नाम आ जाएगा। प्रश्न : जो लोग 2011 के बाद नौकरी या अन्य कारणों से राज्य में आए हैं, उन्हें लाभ मिलेगा या नहीं?- बलवंत सिंह बिष्ट
उत्तर : अगर वे उत्तराखंड के निवासी हैं तो उन्हें अटल आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा। सरकारी या निजी वर्ग के नौकरी पेशा लोगों के लिए ईएसआई, ईसीएचएस जैसी योजनाएं हैं। वैसे सरकारी अस्पतालों में तो उपचार मुफ्त उपलब्ध है, लेकिन उन्हें अटल आयुष्मान का लाभ नहीं मिलेगा। प्रश्न : योजना का कार्ड बनाने के लिए मुझे कहां जाना होगा?- नरेंद्र कुमार आंनद
उत्तर : योजना का कार्ड कहीं नहीं बन रहा है। केवल नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर और सरकारी अस्पताल में जाकर अपना नाम देखा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर अस्पताल में उसे देखकर उपचार दिया जा सकता है।
बता दें कि प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 25 दिसंबर को अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना की शुरुआत की है।
केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना में प्रदेश के 5.37 लाख परिवार शामिल हैं। शेष करीब साढ़े 17 लाख परिवारों को अटल आयुष्मान योजना में शामिल किया गया है।
जनहित से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना के प्रचार-प्रसार में अमर उजाला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अधिक से अधिक लोग योजना के बारे में जानें और उसका लाभ उठाएं, यही प्रयास है।