विजिलेंस ने शिकायती प्रार्थनापत्र की जांच की तो आरोपों की पुष्टि हुई। प्रकरण ट्रैप योग्य होने के कारण ट्रैप टीम 14 जून को दोपहर 12:30 बजे शेर सिंह रावत के कार्यालय पहुंची। टीम ने रावत को 45 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
थाना उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर नैनीताल (हल्द्वानी) में 14 जून को ही आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। विजिलेंस ने विवेचना करके चार्जशीट जिला जज की अदालत में दाखिल कर दी।
सुनवाई के बाद जिला जज एवं स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन एक्ट राजीव कुमार ने शेर सिंह को रिश्वतखोरी का दोषी पाया। कोर्ट ने पांच साल सश्रम कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।