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यूपी और उत्तराखंड के बीच परिसंपत्ति बंटवारा, सात अहम मुद्दों पर बनी सहमति

Fri, 29 Jun 2018 11:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर सात अहम मुद्दों पर बृहस्पतिवार को सहमति बन गई।

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लखनऊ स्थित सचिवालय एनेक्सी में उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार के बीच परिसंपत्तियों और आस्तियों के बंटवारे को लेकर में दोनों ओर के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। कुछ मुद्दे केंद्र सरकार को संदर्भित करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा कुछ प्रकरण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सुलझेंगे।

बैठक में तय हुआ है कि यूपी सिंचाई अभिकरण 3.98 करोड़ रुपए उत्तराखंड के मत्स्य विभाग को देगा। इसी तरह से  यूपी वन निगम द्वारा उत्तराखंड वन निगम को पहले चरण में 99 करोड़ रुपये देने पर सहमति बनी। शेष धनराशि आयकर की देयता में कटौती कर अगले चरण में यूपी देगा। उत्तराखंड खाद्य विभाग द्वारा यूपी खाद्य विभाग को 105 करोड़ रुपये देने पर सहमति बनी है। इसी प्रकार यूपी परिवहन निगम द्वारा उत्तराखंड परिवहन को 8.27 करोड़ रुपये देने पर सहमति बन गई है। बैठक में यह भी तय हुआ कि यूपी ऊर्जा विभाग की ओर से उत्तराखंड ऊर्जा विभाग के कर्मियों के पीपीएफ का 174 करोड़ रुपये वास्तविक भुगतान किया जाएगा। 
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एक अन्य फैसले में उत्तराखंड की ओर से उत्तर प्रदेश को 160 करोड़ रुपये बिजली बिल का भुगतान करने पर फैसला हुआ है। तय किया गया है कि मनेरी भाली जल विद्युत परियोजना के लिए अविभाजित उत्तर प्रदेश द्वारा ऋण लेने और इस परियोजना पर व्यय न करने का मामला केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। दोनों राज्यों के बीच में इस बात पर भी सहमति बनी है कि उत्तराखंड की सीमा में स्थित सिंचाई विभाग की जमीन का 25 प्रतिशत उत्तराखंड को दिया जाएगा।

ये मामले अभी भी लंबित
- उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को उत्तराखंड सरकार की ओर से निर्बल आवास योजनाओं के अंतर्गत ऋण समाधान व ऋण देनदारी का मसला।  
- उत्तर प्रदेश रिवॉल्विंग फंड में उत्तराखंड के 13 जिलों की जिला पंचायतों की जमा धनराशि पर अर्जित ब्याज पर अभी तक कोई राय नहीं बनी।
- उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास विभाग को अनुबंध के अनुसार बकाया ब्याज के 15 करोड़ से अधिक धनराशि पर अभी कोई निर्णय नहीं। 
- तराई बीच एवं तराई विकास परिषद को उत्तर प्रदेश से 8.80 करोड़ की धनराशि पर सहमति नहीं हुई।
- उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास विकास निगम और उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों का बंटवारा वर्ष 2000 की बैलेंस शीट के आधार पर होना है। 
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- लखनऊ जिला मुख्यालय और दिल्ली स्थित राज्य अतिथि गृह की परिसंपत्ति का बंटवारा अभी तक लंबित।

बृहस्पतिवार को दोनों राज्यों के अफसरों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में बैठक हुई। तमाम अहम मुद्दों पर सहमति भी बन गई है। कुछ मामले कोर्ट के निर्णय और केंद्र सरकार के अधीन हैं, जो समय आने पर तय हो जाएंगे। जुलाई में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बैठक होनी है। उसके भी सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)

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