-राज्य आशा कोर समिति की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड की निदेशक डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य तंत्र की नींव है। आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी व परिणाम परक बनाने की आवश्यकता है।
सोमवार को एनएचएम सभागार में राज्य आशा कोर समिति की बैठक में निदेशक डॉ. पंत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सहायक निदेशक डॉ. अजय कुमार नागरकर ने आशा कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा, अनुभव व ज्ञान के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं की क्षमताओं को निखारा जा सकता है।
बैठक में निदेशक एनएचएम डॉ. रश्मि पंत ने निर्देश दिए कि आशा कार्यकर्ताओं की बैठक में जन आरोग्य समिति व अन्य सामुदायिक मंचों पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के लाभों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि आशा कार्यकर्ताओं की ऑन साइट मेंटरिंग को मजबूत करने के लिए एक व्यवस्थित ढांचे का विकास किया जाए। इसके तहत तकनीकी मानकों का निर्धारण, जिला, ब्लॉक व फील्ड स्तर पर बेहतर समन्वय, सतत निगरानी एवं प्रभावी फीडबैक तंत्र की स्थापना पर विशेष जोर दिया गया। इससे न केवल आशा कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से संचालित विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सकेगी।
एम्स ऋषिकेश से डॉ. वार्तिका सक्सेना व डॉ. सुमित सिंह ने आशा मेंटरिंग के लिए फ्रेमवर्क पर आधारित तकनीकी प्रस्तुति दी गई। बैठक में डॉ. कौशिकी, डॉ. अंकित, डॉ. हिमांशु, डॉ. पल्लवी धौलाखंडी, सीमा मेहरा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।