पांच सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई न होने से नाराज आशा कार्यकत्रियों ने बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर तालाबंदी कर विरोध जताया।
उन्होंने कार्यालय पर ताला लगाकर करीब एक घंटे तक कर्मचारियों को बंधक बनाए रखा। जिससे अन्य लोगों को खासी परेशानी भी झेलनी पड़ी। बाद में उन्होंने सीएमओ का घेराव कर अपनी मांगें रखी।
बृहस्पतिवार को सीटू के तत्वावधान में उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन ने सीएमओ कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दूबे के नेतृत्व में उन्होंने सरकार और सीएमओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने अन्य स्कीम वर्करों की तरह आशाओं को भी न्यूनतम वेतन/मानदेय देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पांच हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का आश्वासन दिया था, जो आज तक एक बार भी नहीं मिला। इसलिए, 2012 से 2017 तक प्रत्येक वर्ष पांच हजार के हिसाब से प्रोत्साहन राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाए।
उन्होंने कार्यकत्रियों को बोनस देने, 45वें श्रम सम्मलेन के फैसलों के अनुसार आशा कार्यकत्रियों को कर्मकार घोषित करने और महंगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी करने की मांग की। इसी दौरान कार्यालय पहुंचे सीएमओ डा. वाईएस थपलियाल का उन्होंने घेराव भी किया। सीएमओ ने उन्हें अपने कार्यालय में वार्ता के लिए बुलाया लेकिन उन्होंने जाने से इंकार कर दिया।
बाद में सीएमओ ने खुद नीचे आकर उनसे वार्ता की और मामले को उच्च स्तर पर रखने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में सीटू जिला सचिव लेखराज, शिवा दूबे, मीना जखमोला, आशा चौधरी, सीता, शशि, चंद्रएश्वरी, उषा, उमा, दुर्गा समेत अन्य आशाएं शामिल रही।