17 सितंबर 2013 को हाईकोर्ट ने वन विभाग के नोटिस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद वन विभाग ने इंटरवेंशन प्रार्थना पत्र दायर किया था। वन विभाग की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि लीज 59 लक्ष्मण दस के नाम थी।
लीज 1970 में समाप्त हो चुकी है और कानूनी रूप से लीज ट्रांसफर नहीं हो सकती। पूर्व में एकल पीठ ने सुनवाई के बाद मामले पर लगी रोक को निरस्त कर दिया था। एकल पीठ के इस आदेश को आसाराम आश्रम की ओर से विशेष अपील दायर कर चुनौती दी गई थी।
पक्षकार स्टीफन के अधिवक्ता कार्तिकेय हरि गुप्ता ने कहा कि लीज 59 पर कब्जा करने वालों के खिलाफ स्टीफन ने मंगलवार को ही एक नई शिकायत वन विभाग में दर्ज कराई है। 2013 से ये लोग स्टीफन को परेशान करते आ रहे हैं और फिर उसे परेशान किया गया। अधिवक्ता कार्तिकेय के मुताबिक यह पूरा आश्रम ही लीज 59 पर अतिक्रमण कर बनाया गया है।