बता दें कि रविवार को बाबा रामदेव ने अपने बयान में कहा था कि जल्दी ही वह दिन आने वाला है जब देश में एक संविधान और एक कानून होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यह दिन जल्दी ही आएगा।
उनका कहना था कि कश्मीर की समस्या 70 सालों में कांग्रेस की सरकारों ने उलझा कर रखी। यह किसी देश में नहीं है कि दो-दो कानून लागू हों। केवल भारत में ही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अब कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटा देनी चाहिए। कश्मीर और कांग्रेस के जो नेता इन धाराओं को हटाने की मुखालफत कर रहे हैं वह देशद्रोही हैं।
सोमवार को जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार ने एतिहासिक फैसला लिया। गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कश्मीर को अनुच्छेद 370 से मुक्त करने, लद्दाख को कश्मीर से अलग करने व जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने का संकल्प रखा।
बता दें कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद अब जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता नहीं रहेगी। इस राज्य का अपना झंडा भी नहीं रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश फिलहाल जम्मू-कश्मीर में मान्य नहीं होते। अब वहां के नागरिकों को भी शीर्ष अदालत के आदेश मानने होंगे।
रक्षा, विदेश, संचार छोड़कर अन्य मामलों में अभी जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सहमति के बिना वहां केंद्र का कानून लागू नहीं किया जा सकता। लेकिन 370 हटा दिए जाने के बाद केंद्र सरकार अपने कानून वहां भी लागू कर सकेगी।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल 6 साल का होता है। अनुच्छेद 370 हटने से वहां भी अन्य सभी राज्यों की तरह विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्षों का किया जा सकेगा।