उपभोक्ता फोरम के आदेशों की अवहेलना करना सैमसंग इंडिया कंपनी को भारी पड़ गया है। उपभोक्ता फोरम ने कंपनी के एमडी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
पुलिस को 26 अगस्त तक उसे फोरम के समक्ष पेश होने के आदेश जारी किए गए है। विजय त्रिपाठी निवासी कृष्णनगर ने कुछ समय पहले सैमसंग का मोबाइल फोन लिया था। छह माह बाद ही मोबाइल फोन में खराबी आ गई।
त्रिपाठी उसे ठीक कराने के लिए सैमसंग के अधिकृत रिपेयर सेंटर में ले गए। वहां पर वारंटी पीरियड में होने के बावजूद सेंटर संचालकों ने उनसे छह सौ रुपये बतौर फीस वसूले। बावजूद इसके फोन फिर से खराब हो गया।
रिपेयर सेंटर में फोन दुबारा दिया गया तो उन्होंने बताया कि खराबी मोबाइल फोन के निर्माण के दौरान की है। त्रिपाठी ने कंपनी से संपर्क किया तो उन्होंने फोन नहीं बदला तो पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया।
फोरम के किसी भी ट्रायल में कंपनी की तरफ से कोई नहीं आया। इस पर फोरम ने एक पक्षीय सुनवाई होने के बाद कंपनी को एक माह में हैंडसेट बदलने के साथ ही दस हजार रुपये बतौर जुर्माना भी लगाया। लेकिन कंपनी ने इस आदेश को भी अनसुना कर दिया।
समन तामील होने के बावजूद कोई उत्तर दाखिल नहीं हुआ तो फोरम ने इसे गंभीरता से लिया और गुड़गांव स्थित कंपनी के मैनेजर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।