हिम तेंदुए के बाद वन विभाग अब हिमालयी सीमांत क्षेत्र के जंगलों में वन्यजीवों के अवैध शिकार की रोकथाम के लिए सेना की मदद लेगा। वैसे वन विभाग की ओर से अवैध शिकार को रोकने के लिए लंबी और छोटी दूरी की गश्त भी की जाती है।
सेना की उपस्थिति इस क्षेत्र में हमेशा बनी रहती है। बीएसएफ, आईटीबीपी आदि की इस क्षेत्र में चौकियां हैं और अपना संचार तंत्र भी है। प्रमुख वन संरक्षक जयराज के मुताबिक सेना की लगातार उपस्थिति भी वन विभाग के लिए एक बेहतर स्थिति है। इसी को देखते हुए प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को सेना से बात करने की जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की ओर से हिम तेंदुओं के संरक्षण को लेकर इससे पहले ही सेना के अधिकारियों से संपर्क साधा गया है। हिम तेंदुओं को लेकर सिक्योर हिमालयी परियोजना जारी है।
इसके तहत पिथौरागढ़ से लेकर नंदा देवी बायोस्फियर क्षेत्र तक हिम तेंदुओं के आवासीय क्षेत्र को संरक्षित किया जा रहा है। इसी क्षेत्र में अब हिम तेंदुओं के लिए कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। सेना से इसी में सहयोग पर बात की जा रही है।