उत्तराखंड सब एरिया की ओर से रविवार को वैटरन्स दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने डिप्टी जीओसी के सामने ईसीएचएस सहित कई समस्याएं रखीं। इस दौरान 38 वयोवृद्ध पूर्व सैनिकों को सम्मानित भी किया गया और तीन दिव्यांग पूर्व सैनिकों को रेट्रोफिटेड स्कूटर प्रदान किए गए।
मंगलवार को गढ़ी कैंट स्थित दून सैनिक संस्थान में वैटरन्स दिवस का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर एसएन सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व सैनिकों के सामने ईसीएचएस से लेकर रोज आने वाली समस्याओं को सुना और समाधान करने का भरोसा दिया। कहा कि सेना अपने जवानों का तो पूरा ध्यान रखती ही है साथ ही पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करती है। वेटरन्स ब्रांच के प्रभारी कर्नल पृथ्वीराज सिंह रावत ने पूर्व सैनिकों को योजनाओं की जानकारी दी।
ईसीएचएस निदेशक कर्नल रणवीर ने पूर्व सैनिकों को 64 केबी के ईसीएचएस स्मार्ट कार्ड के बारे में जानकारी दी। कहा कि सभी पूर्व सैनिक इसे बनवा लें। इसमें लाभार्थी की मेडिकल हिस्ट्री, रेफरल हिस्ट्री व दी गई दवाओं की जानकारी होगी। ऑफि सर इंचार्ज ईसीएचएस स्टेशन हेड क्वार्टर कर्नल आरएस मेहता ने पॉली क्लीनिक की जानकारी दी। इस अवसर पर वेटरंस ब्रांच से कर्नल दिनेश गौड़, प्रदेश सैनिक कल्याण के डायरेक्टर केवी चंद, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल डीके कौशिक सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक अधिकारी और सैनिक मौजूद रहे।
पूर्व सैनिकों ने यह समस्याएं रखीं
- ईसीएचएस की सुविधा के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं।
- क्लेमेंटटाउन में ईसीएचएस पॉली क्लीनिक खोले जाएं।
- विकासनगर कैंटीन में पर्याप्त सामान उपलब्ध कराया जाए।
- भर्ती पूर्व प्रशिक्षण के लिए जगह उपलब्ध कराई जाए।
- पॉली क्लीनिकों में पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध कराए जाएं।
- सैन्य अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाई जाए।
- सैन्य अस्पताल में वैटरन्स के व्यवहार को सुधारा जाए।
- पूर्व सैनिकों की जांच के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाए, जो घर जाकर जांच करे।
1996 से पूर्व सेवानिवृत्त सैनिकों को मिलेगी ईसीएचएस की सुविधा
भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) का लाभ अब 1996 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए पूर्व सैनिकों को भी मिलेगा। उन्हें ईसीएचएस की सदस्यता निशुल्क दी जाएगी। ईसीएचएस के निदेशक कर्नल रणवीर सिंह ने सभी सैनिकों से इसके लिए आवेदन करने की अपील की है। यह सुविधा 2002 में शुरू हुई थी। इसलिए अभी तक इन सैनिकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। कर्नल रणवीर सिंह ने बताया कि इसके साथ ही द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लेने वाले सैनिक, इमरजेंसी कमीशंड अफसर भी अब ईसीएचएस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। उन्हें 50 प्रतिशत सहयोग राशि जमा करनी होगी। असम राइफल से रिटायर्ड सैनिकों को भी इसका लाभ मिलेगा।
वेलमेड, कैलाश और हंस फाउंडेशन का अस्पताल भी ईसीएचएस से जुडे़गा
क्लेमेनटाउन स्थित वेलमेड अस्पताल, हरिद्वार रोड स्थित कैलाश अस्पताल और पौड़ी स्थित हंस फाउंडेशन का अस्पताल भी अब ईसीएचएस से जुड़ जाएंगे। जिससे ईसीएचएस अस्पतालों की संख्या बढ़ जाएगी। इस समय प्रदेशभर में 25 अस्पताल ईसीएचएस के पैनल में हैं, जिसमें 13 अस्पताल देहरादून के हैं।
राजकीय सेवाओं में 20 फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव
देहरादून। हरियाणा, पंजाब व हिमाचल की तर्ज पर राजकीय सेवाओं में पूर्व सैनिकों को और अधिक आरक्षण देने के लिए सब एरिया ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। इस संबंध में आठ फरवरी को मुख्यमंत्री के साथ बैठक भी आयोजित की गई है। सब एरिया वेटरन्स ब्रांच के प्रभारी कर्नल पृथ्वीराज सिंह रावत ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। जबकि हरियाणा, पंजाब व हिमाचल प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में पूर्व सैनिकों को राजकीय सेवाओं में 10.15 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है। उत्तराखंड सैन्य बहुल प्रदेश है। इसलिए पूर्व सैनिकों को राजकीय सेवाओं में 20 फ ीसदी आरक्षण देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। आठ फरवरी को इस संदर्भ में मुख्यमंत्री के साथ बैठक भी होनी है।
गढ़ी कैंट स्थित दून सैनिक इंस्टीट्यूट के सभागार में आयोजित फॉर्थ आर्म्ड फोर्सेज वैटरर्न्स डे के
गढ़ी कैंट स्थित दून सैनिक इंस्टीट्यूट के सभागार में आयोजित फॉर्थ आर्म्ड फोर्सेज वैटरर्न्स डे के