शहीद पति हवलदार माधो सिंह की शहादत के 50 वर्ष बाद वीर नारी कलावती को उनकी सही पेंशन का हक मिल पाया है।
एक सैन्य ऑपरेशन में वर्ष 1964 में शहीद हुए हल्द्वानी के एसके पुरम ग्राम सभा हरीनगर कुसुमखेड़ा के हवलदार माधो सिंह की पत्नी कलावती को सामान्य वीर नारी की पेंशन मिलती रही जबकि वह उदारीकृत पेंशन (सैन्य ऑपरेशन में शहीद के परिजनों को मिलने वाली पेंशन) की हकदार थीं।
पहाड़ के ग्रामीण परिवेश में रहीं कलावती को इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि उन्हें उदारीकृत पेंशन मिलनी चाहिए। सैनिक कल्याण विभाग के पेंशन संबंधित अभियान से उनके परिवार को यह जानकारी मिली।
कलावती के दामाद दिवान सिंह ने मामले में सैनिक कल्याण विभाग से संपर्क साधा, जिसके बाद उन्हें बढ़ी हुई पेंशन तो मिली ही साथ ही एरियर भी मिल गया।