रक्षा मंत्रालय की डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक एप्लीकेशंस लेबोरेट्री (डील) परिसर स्थित प्रयोगशाला में शनिवार देर रात रहस्यमय परिस्थितियों में आग लग गई। आवासीय परिसर में रहने वाले कर्मचारियों ने सुबह धुआं उठता देखा तो अधिकारियों को सूचना दी।
अग्निशमन वाहनों ने चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। अग्निकांड में लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान सामने आ रहा है। साथ ही कई महत्वपूर्ण शोध कार्यों के दस्तावेज भी राख में तब्दील हो चुके हैं।
रायपुर स्थित डील फैक्ट्री में सेना के लिए कई उपकरण बनाए जाते हैं। साथ ही तमाम शोध कार्य भी होते हैं, जिन पर हर साल करोड़ों रुपयों का बजट खर्च होता है। फैक्ट्री में स्थित प्रयोगशाला में रविवार सुबह सात बजे आग लगने की सूचना मिलते ही डील के अलावा पुलिस के अग्निशमन वाहन भी मौके पर पहुंच गए।
कर्मचारियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पूरी प्रयोगशाला जलकर खाक हो चुकी थी। सूत्रों के अनुसार, प्रयोगशाला में राडार जैसे बेहद महंगे और उच्च कोटि के उपकरण भी थे।