नेलांग में करीब दो घंटे का समय बिताने के बाद सेना प्रमुख पूर्वाह्न साढ़े दस बजे हेलीकॉप्टर से हर्षिल पहुंचे। यहां उन्होंने सेना की महार रेजीमेंट के कैंप में सेना के अधिकारियों एवं जवानों के साथ मुलाकात की। दोपहर में गंगोत्री धाम के दर्शन करने के बाद सेना प्रमुख रात्रि विश्राम के लिए हर्षिल कैंप में ही रुके हुए हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गोपनीय इस दौरे से स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन को भी दूर रखा गया है। सेना ने हर्षिल में हेलीपैड से लेकर कैंप तक के हिस्से को छावनी में तब्दील कर दिया है।
इस दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के लिहाज से हर्षिल में तैनात पुलिस उपाधीक्षक जीएल कोहली ने बताया कि सेना कैंप से मिल रही जानकारी के अनुसार सेना प्रमुख रात को हर्षिल में ही रुकेंगे।
सेना प्रमुख के हर्षिल में ठहराव और सुरक्षा के भारी भरकम इंतजामों को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अथवा कोई अन्य वीवीआईपी हर्षिल पहुंच सकता है। हालांकि इन गोपनीय दौरों को लेकर सेना के अधिकारी कोई जानकारी देने को तैयार नहीं हैं।
सेना प्रमुख मंगलवार अपराह्न सवा दो बजे हर्षिल से सड़क मार्ग से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुए। उनके पहुंचने से पहले ही महार रेजीमेंट के जवानों ने गंगोत्री धाम को छावनी में तब्दील कर दिया। अपराह्न तीन बजे गंगोत्री धाम पहुंचने पर तीर्थ पुरोहितों ने सेना प्रमुख का भव्य स्वागत किया।
सेना प्रमुख ने वीआईपी घाट पर गंगा में स्नान किया। इसके बाद मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल एवं अन्य तीर्थ पुरोहितों ने गंगा घाट एवं गंगोत्री मंदिर में पूजा-अर्चना कराई। सेना प्रमुख कुछ देर के लिए मंदिर समिति के कार्यालय में भी रुके। बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच गंगोत्री धाम का नैसर्गिक सौंदर्य देख सेना प्रमुख अभिभूत नजर आए।
गंगोत्री धाम में करीब एक घंटा बिताने के बाद वे शाम को सड़क मार्ग से हर्षिल लौट आए हैं। गंगोत्री धाम में सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजामों के बीच सेना के जवानों ने किसी को फोटो तक नहीं खींचने दिए। इस दौरान महार रेजीमेंट के बड़े अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।
दीपावली के अवसर पर सेना प्रमुख के हर्षिल पहुंचने पर प्रशासन की ओर से प्रोटोकॉल मुहैया कराया गया। अन्य किसी वीवीआईपी के फिलहाल यहां पहुंचने की कोई सूचना प्रशासन को नहीं है। यह कार्यक्रम पूरी तरह सेना की देखरेख में चल रहा है।
-डा.आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।