सरकारी विभागों में अटैचमेंट खत्म होने के बावजूद पशु चिकित्सा विभाग में चहेतों को एडजस्ट करने का खेल धड़ल्ले से जारी है। अधिकारियों ने तमाम नियमों को ताक पर रखते हुए ऐसे कर्मियों को भी अटैच किया है, जिनका पद तक सृजित नहीं है। आरटीआई में उपलब्ध कराई सूचना में खुद विभाग ने अपनी अपनी इस गड़बड़ी का खुलासा किया है।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मौजूदा समय में सात अधिकारियों व कर्मियों को अटैच किया गया है। पशुधन प्रसार अधिकारी के पद पर पशु सेवा केंद्र नागथात में तैनात युद्धवीर सिंह सजवाण को पशु चिकित्सालय रानीपोखरी, मुख्य वरिष्ठ फार्मासिस्ट पद पर पशु चिकित्सालय सदर रूद्रप्रयाग में तैनात लाला नंद नैनवाल को पशु चिकित्सालय ऋषिकेश, पशुधन प्रसार अधिकारी पद पर पशु सेवा केंद्र बादशाहपुर हरिद्वार में तैनात रश्मि रावत को पशु सेवा केंद्र नेहरूग्राम, पशुधन सहायक पद पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय गोपेश्वर चमोली में तैनात वीरेंद्र सिंह नेगी को पशु चिकित्सालय सुभाषनगर, कनिष्ठ सहायक पद पर पशु चिकित्सालय चकराता में तैनात विजय सिंह नेगी को पशु चिकित्सालय सहसपुर, कनिष्ठ सहायक पद पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय देहरादून में तैनात बिंदिया रावत को पशु चिकित्सालय रायपुर और वरिष्ठ सहायक पद पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय देहरादून में तैनात ऊषा असवाल को पशु चिकित्सालय डोईवाला में अटैच किया गया है।
बिना पद कर दिया अटैच
अधिकारियों ने बिना पद के भी कर्मियों को अटैच कर दिया। पशु चिकित्सालय चकराता में कनिष्ठ सहायक पद पर तैनात विजय सिंह नेगी को पशु चिकित्सालय सहसपुर में अटैच किया गया है। जबकि सहसपुर में कनिष्ठ सहायक का पद स्वीकृत ही नहीं है। ऐसा ही अन्य मामलों में भी हुआ है।
कई अधिकारी हैं शामिल
अटैचमेंट के इस खेल में कई अधिकारी शामिल हैं। आरटीआई में दी गई जानकारी के अनुसार निदेशक, अपर निदेशक, मौजूदा व वर्तमान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने कर्मियों के अटैचमेंट किए हैं। इनमें से ज्यादातर कर्मियों को दोबारा अटैच किया गया है।