राज्य खाद्य योजना में शामिल प्रदेश के 11.50 लाख एपीएल कार्डधारकों को राशन नहीं मिल पा रहा है। 26 अप्रैल को कैबिनेट ने एपीएल को मिलने वाले गेहूं-चावल की कीमतों में वृद्धि की थी, लेकिन अभी तक इसका शासनादेश जारी नहीं हो पाया है। जीओ जारी नहीं होने के कारण खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने राशन का कोटा जारी नहीं किया है।
अक्तूबर 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश राज्य खाद्य योजना शुरू की थी। योजना के तहत प्रत्येक राशन कार्ड पर नौ रुपये प्रति किलो की दर से 10 किलो चावल और पांच रुपये प्रति किलो की दर से पांच किलो गेहूं देने की व्यवस्था की गई।
विधानसभा चुनाव के बाद नई सरकार ने इस योजना को जारी रखने का फैसला लिया। 26 अप्रैल को कैबिनेट बैठक में इस योजना के अंतर्गत मिलने वाले चावल की कीमत में छह रुपये और गेहूं की कीमत में 3.60 रुपये प्रति किलो का इजाफा कर दिया। चावल-गेहूं की कीमतों में इजाफा होने के बाद अभी तक एपीएल कार्डधारकों को राशन नहीं मिल है।
उधर, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वित्त विभाग में फाइल भेजी जाने के कारण योजना का जीओ जारी नहीं किया गया है। वित्त विभाग की मंजूरी के बाद इसे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को भेजा जाएगा। इसके बाद जीओ जारी होगा।