कामकाजी महिलाओं ने माना कि दून में छेड़छाड़ और महिलाओं से अभद्रता की ज्यादातर घटनाएं विक्रम में होती हैं। इसके लिए उन्होंने परिवहन और पुलिस अधिकारियों को भी जिम्मेदार ठहराया। महिलाओं ने कहा कि विक्रम में तीन लोगों की सीट पर जबरदस्ती चार को बिठाया जाता है।
कई बार तीन पुरुषों के बीच एक महिला को बैठने के लिए मजबूर किया जाता है। महिलाओं ने कहा कि परिवहन और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत के चलते विक्रम चालक बेखौफ होकर चार सवारियां बैठाते हैं। कभी पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी खुद बैठकर देखें कि क्या उस सीट पर चार लोग आ भी सकते हैं?
महिलाओं ने खुलकर रखी राय
संवाद में शहर के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाली कामकाजी महिलाओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा समेत अन्य मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। इसमें प्रिया गुलाटी, शिवानी गुप्ता, मनाली, प्रेरणा, संगीता लखेड़ा, मधु तोमर, रजनी शर्मा, मीनू खरबंदा, अंशिका खुराना, डिंपल गिल, ज्योति डोभाल और गीतांजली सक्सेना शामिल रहीं।
सुविधाएं व सेवाएं अंक (प्रतिशत में)
पुलिस व्यवस्था- 70
सुरक्षा व्यवस्था- 90
नागरिक जागरूकता- 60
पब्लिक ट्रांसपोर्ट- 30
सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग- 30
स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था- 50
जिम्मेदार पैरेंटिंग- 50
नशाखोरी पर लगाम- 20
छेड़छाड़ पर नकेल- 80