निशानदेही पर शव के टुकडे़ बरामद कर लिए थे
देहरादून के बहुचर्चित अनुपमा हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले पति राजेश गुलाटी को कैदी नंबर 2307 दिया गया है। अंडर ट्रायल रजिस्टर से उसका नाम काटकर सजायाफ्ता कैदियों के कालम में दर्ज कर लिया गया है।
कैंट कोतवाली क्षेत्र के प्रकाशनगर में अनुपमा गुलाटी हत्याकांड 11 दिसंबर 2010 को सामने आया था, जबकि हत्या अक्तूबर में की गई थी। आरोपी इंजीनियर पति राजेश गुलाटी दो माह तक शव के टुकड़ों को डीप फ्रीजर में रखे हुए था, जबकि कुछ जंगल में फेंक दिए थे।
पुलिस ने राजेश गुलाटी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर शव के टुकडे़ बरामद कर लिए थे।