सहसपुर के शंकरपुर रामपुर निवासी नसीमा उर्फ नूर बेगम, आमना और नत्थू की अग्रिम जमानत अर्जी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। तीनों पर महिला को तेजाब पिलाने, गंभीर मारपीट करने और दहेज उत्पीड़न के आरोप हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता और अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों को जमानत देने से इनकार का आधार माना।
अभियोजन के अनुसार, मामले में 10 अगस्त 2026 की घटना के संबंध में सहसपुर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि पीड़िता के साथ मारपीट की गई और दहेज की मांग की गई। पीड़िता को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह 17 से 18 दिन तक आईसीयू में रही और बाद में निजी अस्पताल में भर्ती रही। अदालत ने पाया कि पीड़िता के बयान और विवेचक की रिपोर्ट में गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रस्तुत समझौते के संबंध में भी पीड़िता ने विवेचक के सामने कोई बयान नहीं दिया था। मामले में विवेचना जारी होने और आरोपों की गंभीर प्रकृति को देखते हुए अदालत ने तीनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।