सरकारी अस्पताल से 4875 एंटी रैबीज के इंजेक्शन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सीएमएस इस बारे में जांच कराने की बात कर रहे हैं। सरकारी अस्पताल में एक सप्ताह से एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। जन औषधि केंद्र में भी यह इंजेक्शन खत्म हो गए हैं। ऐसे में सोमवार को 27 मरीजों को इंजेक्शन लगाए बगैर लौटना पड़ा।
सरकारी अस्पताल में एंटी रैबीज के इंजेक्शन एक सप्ताह से खत्म है। चार दिन पहले जन औषधि केंद्र पर 40 इंजेक्शन थे, जो अब खत्म हो गए है। सोमवार को 27 मरीज अस्पताल में कुत्ते के काटने के इंजेक्शन लगवाने के लिए आए थे। अस्पताल में इंजेक्शन नहीं होने पर उन्हें लौटना पड़ा। दो महीने पहले 24 अप्रैल 2018 को सरकारी अस्पताल में 975 एंटी रैबीज के वायल स्टॉक में थे। एक वायल से चार इंजेक्शन डोज बनती है।
ऐसे में 4875 इंजेक्शनों के डोज अस्पताल में थी। एक कुत्ते के काटने पर मरीज को पांच इंजेक्शन लगवाने होते हैं, तो इस हिसाब से 1220 मरीज कुत्ते काटने के लिए अस्पताल में पहुंचे। दो माह में 1220 मरीजों के पहुंचने की बात किसी को हजम नहीं हो रही है। सीएमएस डा. देवेंद्र चक्रपाणि ने बताया कि उन्होंने 24 अप्रैल 2018 को ज्वाइन किया था। उस समय अस्पताल में 175 एंटी रैबीज के इंजेक्शन थे। इसके बाद 800 इंजेक्शन और मंगाए थे। दो माह में ही खत्म होना आश्चर्यजनक है। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की बात कही है।