सरकारी काम दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में मुख्यमंत्री के पूर्व निजी सचिव प्रकाश उपाध्याय समेत पांच के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। इस मुकदमे में उपाध्याय का खास मित्र सौरभ वत्स भी नामजद है। इन सभी ने पटियाला निवासी कारोबारियों से एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। आरोपियों ने कारोबारियों को सोलर गीजर, इलेक्ट्रिकल लैब उपकरण, उच्च शिक्षा के प्रोजेक्ट का टेंडर दिलाने की बात कही थी।
उपाध्याय समेत सात आरोपियों के खिलाफ इससे पहले 10 अगस्त को भी मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में उन पर 3.42 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप था। शहर कोतवाल राकेश गुसाईं ने बताया कि रजत पराशर निवासी गुरुनानक नगर पटियाला ने डीजीपी को शिकायत की थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह पटियाला के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव कुमार के माध्यम से उपाध्याय और सौरभ वत्स से मिले थे। आरोप है कि मुख्यमंत्री का पीएस होने के नाते पीसी उपाध्याय ने भरोसा दिया कि वह उन्हें काम दिलवा देंगे। उपाध्याय ने कहा था कि उनके सेवानिवृत्त होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में सौरव वत्स उनकी जिम्मेदारी संभालेगा।
सीएम कार्यालय की बिल्डिंग में ले गए थे आरोपी
रजत ने बताया कि प्रोजेक्ट पाने की आस ने पीड़ित पक्ष ने पिछले साल रकम चुका दी। रकम लेने में केस में नामजद अन्य लोग भी शामिल रहे। जिसके बाद एक जून 2022 को सचिवालय का पास बनाकर चतुर्थ तल स्थित सीएम कार्यालय बिल्डिंग में ले जाया गया। इसके बाद सामान के निरीक्षण के लिए सौरव पत्नी व दो बच्चों संग चंडीगढ़ गया। उसे वहां लग्जरी होटल में ठहराया गया। इस तरह अलग-अलग झांसे में पीड़ित से आरोपियों ने कुल 1.02 करोड़ रुपये हड़प लिए, लेकिन सरकारी टेंडर नहीं दिलवाया। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर धमकियां दी जा रही हैं। पाराशर की इस शिकायत के आधार पर मुख्यमंत्री के पूर्व पीएस प्रकाश चंद्र उपाध्याय निवासी कलिंगा विहार माजरी माफी, सौरव शर्मा उर्फ सौरभ वत्स उसकी पत्नी नंदिनी वत्स निवासी जौलीग्रांट एयरपोर्ट रोड, शाखरुख खान और करनवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।