फरवरी 2026 में एसएससी की मल्टीटास्किंग (नॉन-टेक्निकल) स्टाफ (एमटीएस) और हवलदार पदों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर नकल कराने के मामले में 14 फरवरी को देहरादून की कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ऑनलाइन परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह के एक और सदस्य अंकित कुमार को उत्तराखंड एसटीएफ ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी अंकित कुमार (22) परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक के पद पर तैनात था। एसटीएफ के अनुसार, उसने परीक्षा केंद्र में लगे कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस उपलब्ध कराने के लिए गिरोह के सदस्यों को आईपी एड्रेस भेजा था। इस मामले में एसटीएफ अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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एसटीएफ के मुताबिक, फरवरी 2026 में एसएससी की मल्टीटास्किंग (नॉन-टेक्निकल) स्टाफ (एमटीएस) और हवलदार पदों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर नकल कराने के मामले में 14 फरवरी को देहरादून की कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्रकरण की संवेदनशीलता और तकनीकी पहलुओं को देखते हुए इसकी विवेचना एसटीएफ को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान एसटीएफ ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय निवासी अंकित कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ के अनुसार, आरोपी की जिम्मेदारी परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के पहचान पत्रों की जांच करने और नकल समेत अन्य अवांछनीय गतिविधियों पर नजर रखने की थी। आरोप है कि उसने इसी व्यवस्था का फायदा उठाते हुए परीक्षा केंद्र में लगे कंप्यूटरों को रिमोटली एक्सेस करने के लिए गिरोह के सदस्यों को आईपी एड्रेस भेजा था। आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
नवंबर 2025 की परीक्षा में भी था वांछित
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नवंबर 2025 में एसएससी की टियर-1 एमटीएस और क्लेरिकल स्टाफ परीक्षा में नकल के एक अन्य मामले में भी वांछित था। इस संबंध में देहरादून कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एसटीएफ आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नकल के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटा रही है।