केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में डेढ़ रुपये की कटौती की थी। इसके अलावा तेल कंपनियों को प्रति लीटर एक रुपये और राज्य सरकार को वैट कम करने का कहा गया था।
इस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दामों में ढाई रुपये की कटौती की घोषणा की थी। ऐसे में लोगों को प्रति लीटर पांच रुपये की राहत मिलनी थी। सरकार ने कहा था कि नई व्यवस्था शुक्रवार से लागू होगी। लेकिन, सुबह उपभोक्ता पेट्रोल पंपों पर पहुंचे तो पांच के बजाय उन्हें सिर्फ 1.96 रुपये का ही फायदा हुआ। पंप संचालकों का कहना था कि राज्य सरकार की ओर से दामों में कटौती का कोई शासनादेश उन्हें नहीं मिला है।
बृहस्पतिवार को पेट्रोल और डीजल कीमतों में पांच रुपये कम करने की सरकार ने घोषणा की थी, लेकिन राज्य सरकार की ओर से जारी शासनादेश पेट्रोलपंप संचालकों तक नहीं पहुंचा। लिहाजा, कीमत केवल ढाई रुपये ही कम हुई। साथ ही बृहस्पतिवार रात को हुई 54 पैसे की बढ़ोत्तरी को भी इसमें से कम किया गया है।
- सुरेंद्र पाल सिंह कोहली, संचालक, कोहली पेट्रोल पंप