एएनएम ने ग्रेड-पे देने में वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए डीजी हेल्थ कार्यालय में जमकर हंगामा किया और स्वास्थ्य महानिदेशक को बंधक बनाया।
इस दौरान पुलिस को भी प्रदर्शनकारियों के तीखे आक्रोश का सामना करना पड़ा। बाद में डीजी हेल्थ ने वार्ता में मांगों को लेकर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर प्रदर्शनकारी माने।
इस दौरान कार्यालय में अफरातफरी जैसी स्थिति पैदा हुई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शासन ने स्पष्ट नियम बनाए हैं कि जिसका सेवा काल 26 साल का हो जाएगा, उसे 6600 का ग्रेड-पे वेतनमान मिलेगा। इस पर शासन से लेकर स्वास्थ्य महानिदेशालय का वित्त विभाग भी संबंधित वेतनमान देने को राजी है।
आरोप है कि जब एएनएम मंगलवार को इसका आदेश लेने डीजी हेल्थ कार्यालय पहुंचीं, तो डीजी हेल्थ डा. डीएस रावत ने आदेश करने से इनकार कर दिया। इसके बाद एएनएम नाराज हो गई और उन्होंने डीजी हेल्थ को उनके कक्ष में बंधक बना दिया। कोई कर्मी कक्ष में न जा सके, इसके लिए दरवाजे पर मेज लगाकर बंद कर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, काफी देर हंगामा चलता रहा। बाद में वार्ता और मांगों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाने का आश्वासन डीजी हेल्थ ने दिया, तब जाकर घेराव खत्म हुआ।
मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ की अध्यक्ष गुड्डी मटूड़ा ने बताया कि कर्मी लोकतांत्रित तरीके से न्यायोचित मांग कर रहे थे, लेकिन उनके साथ वादाखिलाफी की गई। जिसके बाद डीजी हेल्थ को उनके कार्यालय में बंधक बनाने के साथ घेराव किया गया। वहीं, डीजी हेल्थ डा. रावत ने बताया कि मांगों को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रदर्शन करने वालों में पुष्पा सैनी, कुसुम जोशी, माया भंडारी आदि शामिल थे।