उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने आज फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को हत्या के मामले में दोषी करार दिया है।
फैसले को देखते हुए जिला पुलिस व प्रशासन की ओर से कोर्ट के चारों ओर हर सड़क पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। विभिन्न संगठनों के लोग बैरिकेडिंग के समक्ष हत्यारोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रहे। कई बार प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। सिमलचौड़ में सुखरो पुल की ओर आरटीओ चौराहे के समीप प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग का एक हिस्सा तोड़कर भीतर घुसने का प्रयास किया, जिस पर पुलिस ने दो बार पानी की बौछार कर भीड़ को तितर-बितर किया।
पुलिस ने बैरिकेडिंग पार कर कोर्ट परिसर की ओर जा रही यूकेडी नेता उर्मिला रावत समेत तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर वैन में बंद कर दिया। वहीं, देवीरोड की ओर कोर्ट के समीप ही की गई बैरिकेडिंग पर प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पूर्व जिलाध्यक्ष घायल हो गए। जबकि महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला बैरिकेडिंग पर चढ़कर अंदर पहुंच गई।
Ankita Murder Case: दो साल आठ महीने बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला, हत्या के मामले में तीनों आरोपी दोषी करार
कोर्ट का फैसला आने तक महिला पुलिस कर्मी लगातार उन पर नजर बनाए रहे। शुक्रवार को अंकिता हत्याकांड के फैसले को लेकर जस्टिस फॉर अंकिता कमेटी, महिला पतंजलि योग समिति, कांग्रेस, यूकेडी, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, उत्तराखंड बेरोजगार संगठन, उत्तराखंड महिला मंच समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ ही श्रीनगर, पौड़ी, देहरादून, रामनगर, ऋषिकेश, हल्द्वानी समेत अन्य कई जगहों से बड़ी संख्या में लोग कोटद्वार पहुंचे। लेकिन पुलिस ने कोर्ट परिसर के चारों ओर के हर मार्ग पर बैरिकेडिंग लगा किसी को भी भीतर नहीं जाने दिया। जिस पर अदालत के पूर्वी छोर तड़ियाल चौक वाली दिशा और एआरटीओ चौराहे वाले बैरिकेडिंग के सामने दिनभर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग करते रहे। सुबह करीब 11:30 बजे अचानक ही पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की नोकझोंक हुई। जिसके बाद यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अमितराज और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला बैरिकेडिंग पर चढ़ने लगे। पुलिस ने पूर्व जिलाध्यक्ष अमितराज को बैरिकेडिंग से नीचे खींच लिया, जिससे बैरिकेडिंग पर लगे तार से उनका हाथ जख्मी हो गया। वहीं ज्योति रौतेला बैरिकेडिंग पर चढ़कर भीतर आ गई।
इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता फिर नारेबाजी करते लगे और भीतर घुसने का प्रयास करने लगे। इस दौरान एक पुलिस कर्मी ने यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय रावत पर लाठी से वार कर दिया। इसके बाद पुलिस व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। वहीं आरटीओ तिराहे के समीप दोपहर 1:00 बजे अचानक ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग का एक हिस्सा तोड़ दिया।