फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोट बंदी का कहरः बैंक के बाहर भीड़ हुई बेकाबू, आक्रोशित लोगों ने पुलिसकर्मी को धुना

Thu, 17 Nov 2016 09:25 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, कोटद्वार
विज्ञापन
bank - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
नोटबंदी को लेकर लोगों का आक्रोश दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रही है। देवी रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में मंगलवार को उस समय भारी हंगामा हो गया जब भीड़ को काबू करने आए पुलिस कर्मी की जमकर धुनाई कर दी।
विज्ञापन


बेकाबू होती भीड़ को देखते हुए पुलिस कर्मी किसी तरह से भीड़ से किनारे हो गया। किसी तरह लोगों का गुस्सा शांत किया गया। दरअसल लोग नोटबंदी को लेकर पैसे एक्सचेंज करवाने व जमा करवाने के लिए पहुंचे थे। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भीड़ पर काबू पाने के लिए एक पुलिस कर्मी तैनात कर दिया।

लाइन पर लगे लोग जब आपस में झगड़ने लगे तो पुलिसकर्मी ने झगड़ा शांत करवाने की कोशिश की। गुस्साएं लोगों ने पुलिसकर्मी को पकड़कर उसी की धुनाई कर दी।

दूसरी ओर 500-1000 के नोट बंद होने के बाद बढ़ी लोगों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को भी हजारों की संख्या में लोग बैंकों में उमड़े और नोट बदलवाने या जमा कराने को लेकर लोगों में जमकर लात-घूसे चले। लगातार बिगड़ रही व्यवस्थाओं और लोगों की भीड़ ने जहां बैंक कर्मचारियों को पस्त कर दिया है, वहीं प्रशासन भी लोगों की भीड़ पर काबू पाने में सफल नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैंक के अंदर घुसने को लेकर लात-घूसे तक चले

bank - फोटो : amar ujala
देवीरोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में लोगों का हुजूम इस कदर उमड़ा कि कैश कम होने की अफवाह उड़ते ही लोगों में बैंक के अंदर घुसने को लेकर लात-घूसे तक चल गए।

बड़ी मशक्कत के बाद बैंक कर्मचारियों व पुलिस कर्मियों ने भीड़ पर काबू पाया। वहीं दूसरी ओर बदरीनाथ मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक में कैश कम होने के कारण बैंक प्रबंधन ने लोगों की भीड़ को देखते हुए थोड़ा-थोड़ा कैश देने में ही भलाई समझी। 

पीएनबी के मुख्य प्रबंधक राज कुमार ने कहा कि बैंक में प्रतिदिन एक से डेढ़ करोड़ रुपये जमा हो रहा है, जो आम दिनों से तीन से चार गुना ज्यादा है। जबकि रोज करीब 50 लाख रुपये लोगों द्वारा बदलाए या निकाले जा रहे हैं।

केनरा बैंक के ब्रांच मैनेजर अनुज कुमार का कहना है कि उन्हें एसबीआई रोज रुपए दे रही है, जिन्हें वह ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन मंगलवार को एसबीआई ने भी रुपए नहीं दिए। जिससे कैश की बहुत कमी आ गई। फिर भी सभी ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के लिए सुबह से दो-दो हजार रुपए दिए गये। जबकि दिन के बाद ग्राहकों को एक-एक हजार रुपए दिए जा सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें