नामित सदस्य जार्ज आईवन ग्रेगरी मैन ने कहा कि एग्लो इंडियन का उत्तराखंड और देश के विकास में अहम योगदान रहा है। डॉक्टर, लेखक, आर्मी, नेवी में अहम पदों पर कार्यरत कई विभूतियां उत्तराखंड में निवास कर रही है।
यह जरूर है कि इनकी संख्या काफी कम है। हैरानी की बात है कि जनगणना में उत्तराखंड में एक भी एग्लो इंडियन नहीं दिखाया है। वहीं देहरादून में ही कई एंग्लो इंडियन हैं। इनमें कुछ लेखक और विधायक रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि एग्लो इंडियन एसोसिएशन की 62 शाखाएं विभिन्न राज्यों एवं कुछ छोटी संस्थाएं हैं।
उन्होंने कहा कि एग्लो इंडियन को एससी, एसटी के साथ आरक्षण देकर जो सुरक्षा कवच दिया था उसे एकदम हटाए जाने से समुदाय के लोग आहत हैं। कांग्रेस विधायक करन मेहरा ने कहा कि संख्या बल के आधार पर किसी के अधिकार को छीनना ठीक नहीं है। सरकार की ओर से इनकी जो संख्या बताई जा रही है वह भ्रामक है।