-ऊर्जा निगमों में सेवानिवृत्ति के बाद दिए जा रहे सेवा विस्तार को बंद कर नियमित नियुक्ति की भी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
देहरदून। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक यूपीसीएल मुख्यालय में हुई। जिसमें तीनों ऊर्जा निगमों की मांगों पर शासन की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए बड़े आंदोलन का ऐलान किया गया।
बैठक की अध्यक्षता केहर सिंह, संचालन मोर्चा संयोजक इंसारूल हक ने किया। वर्तमान में चलाए जा रहे जन जागरण एवं आंदोलन और सात अप्रैल से होने वाली हड़ताल की रणनीति पर विमर्श किया गया। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि दिए गए नोटिस के अनुसार 27 मार्च को यूपीसीएल मुख्यालय पर विशाल सत्याग्रह और छह अप्रैल को जल विद्युत निगम मुख्यालय पर विशाल सत्याग्रह किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर तीनों ऊर्जा निगमों में सेवानिवृत्ति के बाद विभिन्न पदों पर दिए जाने वाले सेवा विस्तार को बंद करते हुए प्रोन्नति करने की मांग की गई। मोर्चा ने पत्र में लिखा कि अन्यथा की स्थिति में सभी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष की जाए। मोर्चा ने आक्रोश प्रकट किया कि 19 सूत्री समस्या पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के लिए अनावश्यक रूप से आंदोलन को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसी भी कर्मचारी या पदाधिकारी का उत्पीड़न करने की स्थिति में आंदोलन उग्र कर दिया जाएगा। बैठक में मोर्चा के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह तोमर, सहसंयोजक राजवीर सिंह, कार्तिकेय दुबे, प्रदीप कंसल, राकेश शर्मा, चित्र सिंह, विनोद कवि आदि उपस्थित रहे।