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मुन्ना को टिकट मिलने पर भाजपा में फूटे बगावत के सुर

Sun, 22 Jan 2017 10:25 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, विकासनगर
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मुन्ना सिंह चौहान को टिकट मिलने पर विकासनगर में कार्यकर्ताओं ने कोश्यारी का पुतला फूंका। - फोटो : AmarUjala
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भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान को विकासनगर से टिकट दिए जाने पर भाजपा में बगवात के स्वर फूटने लगे हैं। पूर्व विधायक कुलदीप कुमार को टिकट न मिलने से गुस्साएं उनके समर्थकों ने तेलपुर- विकासनगर में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का पुतला फूंका। साथ ही मुन्ना सिंह चौहान के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
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समर्थकों ने चौहान दंपति को टिकट मिलने के लिए सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रदेश नेतृत्व पर परिवार वाद को बढ़ावा देने और कार्यकर्ता की उपेक्षा का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी हाथों में पूर्व विधायक कुलदीप कुमार के बैनर पोस्टर लिए हुए थे। वे पूर्व विधायक कुलदीप कुमार को टिकट दिए जाने की मांग कर रहे थे।

पुतला फूंकने वालों में दीपक पटेल, प्रमोद कुमार, प्रदीप शर्मा, सुमित कुमार, ज्ञानचंद, महेंद्र प्रताप सिंह, रोहित कुमार, सुमित, सोनी चौहान, मीरा चौहान, मीनू चौहान, गीता, सरला, मीरा देवी, सुनिता देवी, जगत प्रसाद, छूमा देवी, गुलाब सिंह ठाकुर, रमेश, मंजू, नीटू, अनिता, अमन ठाकुर, सन्नी, मयंक, कुलदीप, गोल्डी आदि शामिल रहे।
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शीर्ष नेतृत्व ने परिवारवाद को दिया बढ़ावा : मूरतराम

चौहान दंपति को टिकट मिलने पर नाराजगी सामने आ रही है। - फोटो : Facebook
चकराता विधान सभा सीट से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुध चौहान को टिकट दिए जाने पर भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रांतीय परिषद के सदस्य मूरतराम शर्मा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने शीर्ष नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा पार्टी के इस निर्णय से कार्यकर्ताओं में भारी रोष है।

पार्टी ने चौहान दंपत्ति को विकासनगर और चकराता से टिकट देकर परिवारवाद को बढ़ावा देने का काम किया है। जिससे वे क्षुब्ध हैं। कहा कि वे 25 वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं। ऐसे में उनका चकराता से दावा बनता था, लेकिन पार्टी ने उन्हें दरकिनार कर मधु चौहान को टिकट दे दिया। उन्होंने मुश्किल दिनों में पार्टी का साथ दिया।

2012 में भी उनकी उपेक्षा की गई। कहा कि जब इस बार के चुनाव में चेहरा मोदी का है, तो उनकी उपेक्षा क्यों। कहा अब भाजपा श्यामप्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धांतों से भटकर परिवारवाद को बढ़ावा देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एक दो दिन में कार्यकर्ताओं के बीच जाकर राय मशव्वरा करेंगे। जरूरत पड़ी तो कार्यकर्ताओं की भावना को देखते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
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