मानदेय बढ़ोतरी, राज्य कर्मचारी घोषित करने समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार उनका शोषण कर रही है। मातृ शक्ति के हितों की रक्षा की बात करने वाली सरकार आंखों पर काली पट्टी बांधे हुए है। लंबे समय से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मानदेय बढ़ोतरी करने समेत राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग कर रही हैं, लेकिन उनकी मांग को अनसुना किया जा रहा है।
दिन में सात से आठ घंटे की जॉब करने के बावजूद उन्हें मानदेय के नाम पर मात्र 6000 रुपये दिए जाते हैं जो उनका शोषण है। कहा जब तक सरकार उनके मानदेय को बढ़ाकर 18 हजार रुपये नहीं कर देती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन करने वालों में सुमनलता, कुसुम दास, रजनी राठौर, उमा सैनी, बीना, बबीता, मीनू, शशि, बबली, सुधा रानी, नीलम, तरन्नुम सागर शशि, मीना देवी, नाजिमा, संगीता, रुकसाना, आंचल, अमृता, मीना, ऊषा पाल, सुनीता, वंदना, अंजना पाल, सुदेश, रूबीना अंसारी, वर्षा, अंजुम, साशना, अंजु चौहान, रीता पंवार, बरिसा, सीमा, दीपा उनियाल, मेनका, सलोचा, कौशल्या आदि शामिल रहीं।
वहीं, सहसपुर में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष सुनीता क्षेत्री, उपाध्यक्ष भागीरथी देवी, संजू भट्ट, ऊषा सजवाण, कमला, रेखा बिष्ट, रीता, आराधना, विनिता जोशी, अनिता गौड़, अनुराधा, सुनीता, सोनिया, साबिया, सुषमा, राजबाला, आशा, संगीता, संजू, बादशाह जादी, मीना, बिन्नी, आरती धीमान, कमला देवी आदि मौजूद रहीं।